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पूर्व सैनिक का बेटा... समाजसेवी.. कौन था भरत तिवारी, जिसका भोजपुर पुलिस ने किया एनकाउंटर? बिहार में पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल

Encounter in Bihar: भोजपुर में भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर के बाद विवाद गहरा गया है। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं और फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाया है। मामले में SHO समेत 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है।

1st Bihar Published by: RAKESH KUMAR Updated Jun 18, 2026, 1:21:08 PM

Encounter in Bihar

भरत तिवारी एनकाउंटर - फ़ोटो Reporter

Encounter in Bihar: भोजपुर जिले में हुए कथित एनकाउंटर के बाद भरत तिवारी की मौत को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शाहपुर थाना क्षेत्र के बेलौटी गांव के पास एसटीएफ और भोजपुर पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल भरत तिवारी ने इलाज के दौरान पटना पीएमसीएच में दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


भरत तिवारी की मौत की खबर के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने शव को सड़क पर रखकर जमकर हंगामा किया और पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। परिजनों का कहना है कि भरत तिवारी कोई अपराधी नहीं था, बल्कि एक समाजसेवी था। वह एक रिटायर्ड जवान का बेटा था और उसने कई लोगों की मदद की थी, खासकर बाढ़ प्रभावित इलाकों में।


परिवार के अनुसार, भरत बीएससी की पढ़ाई पूरी कर चुका था और नौकरी की तलाश में था। नौकरी न मिलने के बाद उसने समाजसेवा शुरू की और प्रशासनिक अधिकारियों तक से संपर्क रखता था। लोग भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उसके पास आते थे।


भरत की मां ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बेटे को धोखे से बुलाकर मारा गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उसे जहर दिया गया और बाद में गोली मारी गई। मां ने एसडीएम पर भी धमकी देने का आरोप लगाया और कहा कि उनके बेटे की मौत के लिए प्रशासन जिम्मेदार है। रोते-बिलखते परिजनों का कहना है कि उनका बेटा समाज की भलाई के लिए काम करता था, लेकिन पुलिस ने उसे पांच गोलियां मार दीं और बाद में जानकारी छिपाई गई।


जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान भरत तिवारी फेसबुक पर लाइव था। वायरल वीडियो में उसे पुलिस पर फायरिंग करते और खुद को ‘देशभक्त’ बताते हुए सुना गया है। पुलिस के अनुसार, भरत को पहले घर में बंद किया गया था, लेकिन वह छत पर चढ़कर पुलिस पर फायरिंग करने लगा और लगातार गालियां व धमकियां दे रहा था। 


इसके बाद उसे गिरफ्तार करने के लिए एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। पुलिस का कहना है कि जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की जांच जारी है और स्थिति को देखते हुए इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस मामले में पुलिस पर उठ रहे सवालों के बीच शाहपुर थाना प्रभारी राजेश मालाकार समेत 6 पुलिसकर्मियों सस्पेंड कर दिया गया है। घटना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच जारी है, जबकि परिजन निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे हैं।