1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 13, 2026, 1:41:20 PM
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google
Railway Recruitment: रेलवे भर्ती की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की और परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तेज बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
उच्च स्तरीय बैठक में रेल मंत्री ने कहा कि अब रेलवे की सभी विभागीय परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के माध्यम से आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि जहां भी संभव हो, टैबलेट आधारित टेस्टिंग (TBT) का दायरा बढ़ाया जाए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक आधुनिक और कुशल बनाया जा सके।
बैठक में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्धता पर विशेष जोर दिया गया। रेलवे का लक्ष्य है कि उम्मीदवारों को बेहतर परीक्षा अनुभव मिले और चयन प्रक्रिया तकनीक के माध्यम से और मजबूत हो।
CBT (Computer-Based Test) और TBT (Tablet-Based Test) दोनों ही डिजिटल परीक्षा प्रणाली हैं, लेकिन इनके संचालन में अंतर है। CBT में उम्मीदवार डेस्कटॉप कंप्यूटर पर परीक्षा देते हैं, जिसके लिए बड़े परीक्षा केंद्रों और तकनीकी संसाधनों की आवश्यकता होती है। वहीं TBT में उम्मीदवार टैबलेट डिवाइस पर परीक्षा देते हैं, जिससे कम इंफ्रास्ट्रक्चर में भी परीक्षा आयोजित की जा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, TBT दूरदराज क्षेत्रों तक परीक्षा सुविधा पहुंचाने में अधिक प्रभावी हो सकता है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि रेलवे द्वारा शुरू किया गया वार्षिक भर्ती कैलेंडर उम्मीदवारों के लिए उपयोगी साबित हुआ है। इससे अभ्यर्थियों को समय पर रिक्तियों और परीक्षाओं की जानकारी मिल रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय रेलवे ने 43,781 उम्मीदवारों को विभिन्न पदों पर नियुक्त किया है। इनमें 18,799 असिस्टेंट लोको पायलट (ALP), 14,298 टेक्नीशियन और 1,376 पैरामेडिकल स्टाफ शामिल हैं। इसके अलावा अन्य श्रेणियों में भी बड़ी संख्या में भर्तियां की गई हैं।
रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षाएं देश की सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में से एक हैं। लाखों उम्मीदवारों की भागीदारी के कारण इन्हें देशभर के विभिन्न शहरों और हजारों केंद्रों पर कई शिफ्टों में आयोजित किया जाता है। परीक्षा को 15 भाषाओं में कराने की व्यवस्था भी की गई है।
रेलवे के अनुसार, मल्टी-सिटी, मल्टी-शिफ्ट और मल्टी-लिंगुअल परीक्षा प्रणाली को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए मजबूत तकनीकी ढांचे और समन्वय की आवश्यकता होती है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता, पारदर्शिता और मानकीकरण सुनिश्चित किया जा सके।