1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 13, 2026, 2:41:56 PM
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IRCTC : भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी (IRCTC) ने ट्रेन यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। हाल के महीनों में ट्रेनों में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता, स्वच्छता और ऑनलाइन ऑर्डरिंग से जुड़ी शिकायतों में बढ़ोतरी के बाद रेलवे ने अनधिकृत ई-कैटरिंग प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। रेलवे का कहना है कि यात्री केवल अधिकृत माध्यमों से ही भोजन बुक करें, अन्यथा उन्हें खराब गुणवत्ता वाले भोजन, भुगतान संबंधी समस्याओं और डेटा सुरक्षा के जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।
दरअसल, भारतीय रेलवे की ई-कैटरिंग सेवा लगातार लोकप्रिय हो रही है। यात्री अब यात्रा के दौरान अपनी पसंद का भोजन ऑनलाइन ऑर्डर कर सीधे सीट तक मंगवा सकते हैं। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए कई निजी कंपनियां भी इस क्षेत्र में उतर आई हैं। हालांकि रेलवे का दावा है कि इनमें से कई प्लेटफॉर्म बिना किसी आधिकारिक अनुमति के सेवाएं दे रहे हैं और रेलवे के निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
आईआरसीटीसी के अनुसार, जांच के दौरान कई ऐसे प्लेटफॉर्म सामने आए जो रेलवे की मंजूरी के बिना यात्रियों को भोजन उपलब्ध करा रहे थे। इन प्लेटफॉर्म्स के संचालन से यात्रियों को कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर भोजन की गुणवत्ता की निगरानी नहीं होती, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन भुगतान में गड़बड़ी, ऑर्डर कैंसिलेशन और ग्राहक सहायता की कमी जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं।
इसी को देखते हुए आईआरसीटीसी ने फरवरी 2026 से कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सबसे पहले 18 फरवरी को संबंधित कंपनियों को कानूनी नोटिस भेजे गए। इसके बाद 16 मार्च और 11 अप्रैल 2026 को कई अनधिकृत ऑपरेटरों के खिलाफ आपराधिक शिकायतें भी दर्ज कराई गईं। रेलवे का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
रेलवे की जांच के दायरे में रेलरेस्ट्रो, रेलमित्र, ट्रैवलखाना, ट्रेन्सकैफे, डीआईबी रेल, रेलफूड, कमेससम, ट्रैवलर फूड, फूड ऑन ट्रैक डॉट इन, ई-कैटरिंग ऐप, खाना ऑनलाइन, ट्रेनवे, रेलमील और ट्रेनमेन्यू जैसे कई प्लेटफॉर्म शामिल बताए गए हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों को किसी भी प्लेटफॉर्म से भोजन मंगाने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए।
आईआरसीटीसी ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे केवल उसकी आधिकारिक ई-कैटरिंग वेबसाइट, ‘फूड ऑन ट्रैक’ मोबाइल ऐप या रेलवे द्वारा अधिकृत फूड पार्टनर्स के माध्यम से ही भोजन ऑर्डर करें। इससे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित ऑनलाइन भुगतान, सही बिलिंग और ग्राहक सहायता जैसी सुविधाएं सुनिश्चित हो सकेंगी। रेलवे का मानना है कि अधिकृत प्लेटफॉर्म्स के जरिए ऑर्डर करने पर यात्रियों को बेहतर और भरोसेमंद सेवा मिलती है।
खाद्य गुणवत्ता को लेकर चिंता उस समय और बढ़ गई जब अप्रैल 2026 में एक उपभोक्ता संगठन की रिपोर्ट में दावा किया गया कि एक प्रीमियम ट्रेन में परोसे गए कुछ खाद्य पदार्थों में निर्धारित मानकों से अधिक बैक्टीरिया पाए गए थे। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद रेलवे कैटरिंग सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। इसके बाद रेलवे ने फूड सेफ्टी मानकों को और कड़ा करने का फैसला किया।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ फर्जी और अनधिकृत प्लेटफॉर्म्स की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत है। यदि यात्री बिना जांच-पड़ताल के किसी भी वेबसाइट या ऐप से खाना ऑर्डर करते हैं तो उन्हें सुविधा की बजाय परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे ने साफ कहा है कि सुरक्षित, स्वच्छ और विश्वसनीय भोजन सेवा का लाभ उठाने के लिए केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म्स का ही इस्तेमाल करें। इससे यात्रा के दौरान भोजन से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या से बचा जा सकेगा।