JEE Advanced 2025: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर ने कुछ दिनों पहले जेईई एडवांस्ड में शामिल होने के लिए छात्रों को तीन मौके देने का निर्णय लिया था। इसके बाद कई बीटेक स्टूडेंट्स ने तीसरे प्रयास के लिए ड्रॉपआउट ले लिया और तैयारी शुरू कर दी। लेकिन बाद में आईआईटी कानपुर ने अपना फैसला वापस लेते हुए फिर से दो प्रयासों का नियम लागू किया, जिससे ये छात्र फंस गए थे।
इस स्थिति में इन छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, और शीर्ष अदालत ने इन छात्रों को तीसरी बार जेईई एडवांस्ड में बैठने की अनुमति दी। इसके बाद, आईआईटी कानपुर ने ऐसे ड्रॉपआउट स्टूडेंट्स के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट जारी की है, जिन्हें यह साबित करना होगा कि वे ड्रॉपआउट हैं।
आवश्यक डॉक्यूमेंट्स: आईआईटी कानपुर ने इन बीटेक ड्रॉपआउट स्टूडेंट्स के लिए इन्फॉर्मेशन ब्रोशर में एनेक्सचर 6 में तीन महत्वपूर्ण दस्तावेजों की लिस्ट दी है:
कॉलेज से विड्रॉल सर्टिफिकेट: यह सर्टिफिकेट उस कॉलेज से होना चाहिए जहां से छात्रों की सीट विड्रॉल की गई हो। इसे कॉलेज के आधिकारिक मुहर और सिग्नेचर के साथ प्रस्तुत करना होगा।
विड्रॉल एफिडेविट: यह एफिडेविट वेबसाइट पर दिए गए फॉर्मेट के अनुसार स्टाम्प पेपर पर होना चाहिए और इसे नोटरी द्वारा प्रमाणित किया जाएगा। 18 साल से अधिक उम्र के उम्मीदवार को अपना हस्ताक्षर करना होगा, जबकि कम उम्र के उम्मीदवारों को उनके माता-पिता का हस्ताक्षर करना होगा।
विड्रॉल लेटर: यह लेटर संस्थान द्वारा जारी किया गया होना चाहिए, जो ड्रॉपआउट का प्रमाण है।
कानूनी कार्रवाई का अलर्ट: आईआईटी कानपुर ने स्पष्ट किया है कि यदि छात्र गलत या जाली दस्तावेज प्रस्तुत करते हैं या इस पर गलत जानकारी देते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष: यह घटना उन छात्रों के लिए राहत का कारण बन सकती है जिन्होंने तीसरे प्रयास के लिए तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन अब यह जरूरी हो गया है कि वे सही दस्तावेज के साथ आवेदन करें। आईआईटी कानपुर ने इस मामले में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं और छात्रों को उम्मीद है कि वे अब बिना किसी समस्या के जेईई एडवांस्ड में तीसरी बार शामिल हो सकेंगे।



