New Education policy : नयी शिक्षा नीति का उद्देश्य सभी बच्चों को समावेशी, गुणवत्तापूर्ण और मातृभाषा में शिक्षा प्रदान करना है। इस नीति के तहत विभिन्न शैक्षणिक क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए सीखने की प्रक्रिया( learning capacity) को अधिक प्रभावी बनाया गया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत विभिन्न शैक्षिक पहलुओं के कार्यान्वयन के लिए वित्तीय सहायता (Grants) प्रदान की जाती है।
बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं
प्रारंभिक स्तर पर बच्चों को मुफ्त स्कूल ड्रेस, पाठ्यपुस्तकें, और जनजातीय भाषा में विशेष पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराना नीति का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। स्कूल से वंचित बच्चों के लिए आयु-उपयुक्त विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। इसके तहत आवासीय और गैर-आवासीय प्रशिक्षण केंद्र, एनआईओएस (NIOS) और एसआईओएस (SIOS) के माध्यम से शिक्षा पूरी करने के अवसर प्रदान किए जाते हैं। साथ ही, समग्र प्रगति कार्ड, द्विभाषी शिक्षण सामग्री और पुस्तकें भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास
नयी शिक्षा नीति के तहत ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी गई है। इसमें नए स्कूलों की स्थापना, स्कूल भवनों एवं अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण, सीमावर्ती क्षेत्रों में वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत स्कूलों का विकास शामिल है। इसके अलावा, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का उन्नयन, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों की स्थापना, और एसटी आबादी के लिए छात्रावास निर्माण जैसी योजनाएं भी लागू की जा रही हैं।
विकलांग बच्चों के लिए विशेष प्रावधान
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए पहचान और मूल्यांकन हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, ब्रेल किट, सहायक उपकरण, उपयुक्त शिक्षण सामग्री, और विकलांग छात्राओं के लिए मासिक वृत्ति की व्यवस्था की गई है। स्कूलों में बाधा मुक्त पहुंच सुनिश्चित करने के लिए रैंप, हैंडरेल और दिव्यांग अनुकूल शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने बताया कि सरकार शिक्षा के समावेशी और समान अवसर प्रदान करने के लिए इन सभी योजनाओं को प्रभावी रूप से सरकार लागू कर रही है।




