देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों – रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया का प्रतिनिधित्व करने वाले सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने इन नियमों को अव्यवहारिक और अनुचित बताया है।
COAI के महानिदेशक एसपी कोचर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि TRAI ने नए नियम लागू करने से पहले हमारी चिंताओं को सुना ही नहीं। हमने बार-बार आग्रह किया था कि केवल टेलीकॉम ऑपरेटरों को दंडित करने के बजाय टेलीमार्केटर्स और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को भी नियमन के दायरे में लाया जाए। लेकिन TRAI ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
नए नियमों के तहत टेलीकॉम कंपनियों पर भारी जुर्माना
TRAI के संशोधित नियमों के मुताबिक, अगर कोई टेलीकॉम ऑपरेटर स्पैम कॉल्स और मैसेजेज को रोकने में असफल होता है, तो उसे भारी भरकम जुर्माना देना होगा:
- - पहला उल्लंघन – ₹2 लाख का जुर्माना
- - दूसरा उल्लंघन – ₹5 लाख तक का जुर्माना
- - बार-बार नियम तोड़ने पर – ₹10 लाख तक का जुर्माना और लाइसेंस निलंबन का खतरा
- COAI का कहना है कि स्पैम कॉल और धोखाधड़ी वाले मैसेज केवल टेलीकॉम नेटवर्क से ही नहीं बल्कि ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप, टेलीग्राम, गूगल मीट और स्काइप पर भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
एसपी कोचर ने सवाल उठाया कि "अगर TRAI उपभोक्ताओं को सुरक्षित करना चाहता है, तो यह नियम सिर्फ टेलीकॉम ऑपरेटरों पर क्यों लागू हो रहे हैं? ओटीटी सर्विस प्रोवाइडर्स भी भारी संख्या में स्पैम कॉल्स और मैसेज भेज रहे हैं, लेकिन उन पर कोई लगाम नहीं लगाई जा रही।"
COAI ने टेलीमार्केटर्स और ओटीटी सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए लाइसेंसिंग सिस्टम लागू करने की मांग की है, ताकि वे भी नियमों के दायरे में आएं और उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके।





