सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में आई गिरावट भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट (bps) की कटौती करने का अवसर दे सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, FY25 में औसत महंगाई दर 4.8% पर रह सकती है। जनवरी में खुदरा महंगाई दर (CPI) 4.3% तक गिर गई, जो दिसंबर 2024 में 5.2% थी। खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी गिरावट से महंगाई में राहत मिली है। सब्जियों और दालों की नई फसलें आने से आगे भी महंगाई में कमी की संभावना।
महंगाई में गिरावट – किन कारणों से आई राहत?
जनवरी में महंगाई दर में आई इस गिरावट की मुख्य वजह खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी कमी रही। रिपोर्ट के अनुसार, सब्जियों की कीमतों में भारी गिरावट आई है। नई फसल बाजार में आने से आपूर्ति बढ़ी। दिसंबर में 7.7% से घटकर जनवरी में 5.7% पर पहुंची। जबकि खाद्य महंगाई में 237 bps (बेसिस प्वाइंट) की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट से RBI के लिए ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ गई है।
क्या RBI करेगा ब्याज दरों में कटौती?
महंगाई में कमी के कारण, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास मौद्रिक नीति में राहत देने का अवसर है। RBI अगले कुछ महीनों में ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर सकता है। महंगाई का दबाव कम होने से RBI अब आर्थिक विकास को समर्थन देने पर ध्यान केंद्रित कर सकता है। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अपनी हालिया बैठक में ‘न्यूट्रल’ स्टांस रखा, जिसका मतलब है कि आगे की दरों में कटौती आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। अगर महंगाई दर इसी तरह नियंत्रित रहती है, तो RBI विकास को गति देने के लिए ब्याज दरों में कटौती कर सकता है।





