Indigo GST Notice: इंडिगो के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब एयरलाइन को वित्त वर्ष 2020–21 के लिए GST विभाग की ओर से ₹58.75 करोड़ का पेनल्टी नोटिस मिला है। यह आदेश CGST, दिल्ली साउथ कमिशनरेट के अतिरिक्त आयुक्त द्वारा जारी किया गया है, जिसमें मूल GST देनदारी के साथ पेनल्टी भी शामिल है।
इंडिगो ने इसे गलत नोटिस बताते हुए BSE फाइलिंग में कहा कि कंपनी इसे कानूनी रूप से चुनौती देगी। एयरलाइन का कहना है कि यह आदेश तथ्यों के विरुद्ध है और मजबूत दलीलों के आधार पर इसे अदालत में चुनौती दी जाएगी। इंडिगो ने यह भी स्पष्ट किया कि इस नोटिस का उसके वित्तीय स्वास्थ्य, दैनिक संचालन या व्यापारिक गतिविधियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब इंडिगो पहले से ही परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही है। दिसंबर के पहले सप्ताह में लगातार फ्लाइट कैंसिल होने के बाद DGCA ने एयरलाइन को विंटर 2025 शेड्यूल में 10% कटौती का आदेश दिया था। इसी दौरान DGCA समिति ने CEO पीटर एल्बर्स को भी तलब किया था।
शेयर बाज़ार में इंडिगो के स्टॉक में उतार-चढ़ाव जारी है। शुक्रवार को शेयर 0.50% की बढ़त के साथ ₹4,845 पर ट्रेड कर रहा था, हालांकि पिछले एक महीने में इसमें 16% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप लगभग ₹1.87 लाख करोड़ है।
इस बीच ब्रोकरेज Jefferies ने इंडिगो के लिए Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹6,035 का टारगेट प्राइस दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, परिचालन संकट और बढ़ती लागतें भले ही निकट अवधि की कमाई पर दबाव बनाए रखें, लेकिन एयरलाइन की मजबूत मार्केट हिस्सेदारी और अंतरराष्ट्रीय विस्तार इसकी लंबी अवधि की स्थिति को मजबूती प्रदान करते हैं।
गौरतलब है कि पिछले 15 दिनों में इंडिगो की कई फ्लाइट्स रद्द हुई हैं, जिसके चलते यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है और घरेलू विमानन क्षेत्र पर भी इसका असर देखने को मिला है।


