भारत में विदेशी निवेशकों का माहौल कुछ ज्यादा ही नकारात्मक हो गया है और इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ नजर आ रहा है। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FII) ने फरवरी 2025 में भारतीय शेयर बाजारों से 34,574 करोड़ रुपए की भारी निकासी की है। यह महज एक महीने का आंकड़ा नहीं है, इस साल के पहले दो महीनों, यानी जनवरी और फरवरी में कुल मिलाकर FII ने 1.12 लाख करोड़ रुपए की बिकवाली की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय शेयरों की उच्च वैल्यूएशन और कॉर्पोरेट इनकम में ग्रोथ को लेकर चिंताएं FII के निरंतर बिकवाली के पीछे की मुख्य वजह हैं। पिछले साल के दिसंबर महीने में, FII ने भारतीय शेयर बाजारों में 15,446 करोड़ रुपए का निवेश किया था, लेकिन फरवरी में निवेशकों की मानसिकता पूरी तरह से बदल चुकी है। अब विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजारों से पूंजी निकालते नजर आ रहे हैं।
इसके अलावा, जनवरी में FII ने 78,027 करोड़ रुपए के शेयर बेचे थे, जो फरवरी के आंकड़ों से भी कहीं ज्यादा था। इस भारी बिकवाली से साफ जाहिर हो रहा है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा भारतीय बाजारों पर पहले की तुलना में अब काफी कमजोर हुआ है।
28 फरवरी 2025 को भी FII ने बाजार में बिकवाली जारी रखी। उस दिन उन्होंने 11,639.02 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DII) ने उसी दिन 12,308.63 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। यह आंकड़ा बताता है कि भारतीय निवेशक विदेशी बिकवाली का मुकाबला करने के लिए बाजार में सक्रिय रूप से निवेश कर रहे हैं।



