इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 909 रुपये घटकर 85,738 रुपये पर पहुंच गई है। इससे पहले 26 फरवरी को सोने की कीमत 86,647 रुपये थी, जबकि 19 फरवरी को सोने ने 86,733 रुपये के ऑलटाइम हाई को छुआ था। सोने के दाम में यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय और घरेलू आर्थिक स्थितियों के बदलते हालात का परिणाम हो सकती है। वैश्विक बाजारों में बढ़ती ब्याज दरों, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण सोने की मांग में उतार-चढ़ाव आ रहा है। निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देखते हैं, लेकिन वर्तमान में सोने के दामों में उतार-चढ़ाव ने इसे लेकर कुछ संशय उत्पन्न किया है।
चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। आज एक किलो चांदी की कीमत 45 रुपये घटकर 95,725 रुपये प्रति किलो हो गई है, जबकि 26 फरवरी को चांदी का भाव 95,769 रुपये प्रति किलो था। चांदी ने 23 अक्टूबर 2024 को 99,151 रुपये प्रति किलो का अपना ऑलटाइम हाई बनाया था और तब से अब तक इसके दामों में गिरावट जारी है। सोने और चांदी के दाम में लगातार गिरावट से निवेशकों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है, खासकर उन निवेशकों के लिए जिन्होंने सोने और चांदी में निवेश किया था। हालांकि, सोने और चांदी में गिरावट का कारण सिर्फ घरेलू कारण नहीं है, बल्कि वैश्विक वित्तीय स्थितियों और बाजारों की अस्थिरता भी इसमें भूमिका निभा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है, लेकिन अगर वैश्विक परिस्थितियां और भी नकारात्मक होती हैं तो सोने और चांदी की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि, यह भी सच है कि सोने और चांदी में दीर्घकालिक निवेश को सुरक्षित माना जाता है, और यह समय के साथ अपने मूल्य में सुधार कर सकते हैं। यह समय निवेशकों के लिए सोच-समझकर कदम उठाने का है। निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए और सोने-चांदी में निवेश के संबंध में एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। साथ ही, यह भी जरूरी है कि निवेशक बाजार की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय लें।





