1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 29, 2026, 1:15:13 PM
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Bihar News : बिहार में पंचायत जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। वैशाली जिले में बेखौफ बदमाशों ने प्रखंड प्रमुख के घर पहुंचकर उनकी गाड़ी पर हमला बोल दिया और जमकर तोड़फोड़ की। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। वहीं, घटना के 24 घंटे बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जानकारी के अनुसार, वैशाली प्रखंड प्रमुख निर्मला देवी के मदरना गांव स्थित आवास पर गुरुवार की देर रात कुछ अज्ञात बदमाश पहुंचे। उस वक्त प्रमुख घर पर मौजूद नहीं थीं। इसके बाद बदमाशों ने घर के बाहर खड़ी उनकी गाड़ी को निशाना बनाया। लाठी-डंडों और पत्थरों से वाहन पर हमला कर दिया गया, जिससे गाड़ी के शीशे पूरी तरह टूट गए और वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक हुई इस घटना से परिवार के सदस्य सहम गए।
परिजनों का आरोप है कि बदमाशों ने जाते-जाते पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद प्रमुख परिवार भय और तनाव में है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह अपराधियों ने खुलेआम जनप्रतिनिधि के घर पर हमला किया, उससे इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।
घटना की सूचना मिलने के बाद प्रमुख प्रतिनिधि सह प्रमुख पुत्र मनीष तिवारी ने वैशाली थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। आवेदन में उन्होंने बताया कि बदमाश सुनियोजित तरीके से घर पहुंचे थे और डर पैदा करने के उद्देश्य से इस वारदात को अंजाम दिया गया। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायत दर्ज होने के कई घंटे बाद तक पुलिस घटनास्थल पर जांच के लिए नहीं पहुंची। इससे लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते पुलिस सक्रिय होती तो आरोपियों की पहचान आसान हो सकती थी।
घटना को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि लगातार जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन प्रशासन सख्त कार्रवाई करने में विफल साबित हो रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
वहीं, वैशाली थाना अध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि मामले में लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर बिहार में जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पंचायत स्तर पर काम करने वाले प्रतिनिधि लगातार दबाव और खतरे के बीच काम कर रहे हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह अपराधियों पर सख्त कार्रवाई कर लोगों का भरोसा कायम करे।