1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 30, 2026, 2:34:38 PM
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अगर आप जल्द ही नया पासपोर्ट बनवाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। 1 जुलाई 2026 से देशभर में पासपोर्ट सेवाओं की नई शुल्क व्यवस्था लागू हो गई है। विदेश मंत्रालय ने सामान्य और तत्काल (तत्काल) दोनों श्रेणियों में पासपोर्ट शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें लागू होने के बाद नए आवेदन करने वाले लोगों को पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा।
हालांकि, मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन आवेदकों ने 1 जुलाई से पहले पासपोर्ट के लिए आवेदन कर निर्धारित शुल्क जमा कर दिया था, उन्हें किसी प्रकार का अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा। नई फीस केवल नए आवेदनों पर लागू होगी।
नई शुल्क सूची के अनुसार, सबसे अधिक उपयोग होने वाले 36 पेज के सामान्य पासपोर्ट की फीस अब 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दी गई है। यानी आवेदकों को अब पहले की तुलना में 1,000 रुपये अधिक खर्च करने होंगे।
वहीं, यदि कोई व्यक्ति तत्काल सेवा के तहत 36 पेज का पासपोर्ट बनवाना चाहता है, तो उसे अब 5,000 रुपये शुल्क देना होगा। इससे तत्काल सेवा लेने वालों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
जिन लोगों को अधिक यात्रा के कारण 60 पेज वाले पासपोर्ट की जरूरत होती है, उनके लिए भी शुल्क बढ़ा दिया गया है। सामान्य श्रेणी में इसकी फीस अब 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये कर दी गई है। वहीं तत्काल सेवा के लिए अब 6,000 रुपये का भुगतान करना होगा।
नई शुल्क वृद्धि का सबसे अधिक प्रभाव बिहार के पासपोर्ट आवेदकों पर पड़ने की संभावना है। इसकी मुख्य वजह यह है कि राज्य में अधिकांश लोग 36 पेज वाला सामान्य पासपोर्ट ही बनवाते हैं। कम शुल्क और सीमित विदेश यात्रा की आवश्यकता के कारण यही विकल्प सबसे लोकप्रिय माना जाता है।
पासपोर्ट सेवा केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में 80 प्रतिशत से अधिक आवेदन 36 पेज वाले पासपोर्ट के लिए किए जाते हैं। ऐसे में फीस बढ़ने से बड़ी संख्या में आवेदकों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
बिहार में पिछले कुछ वर्षों से पासपोर्ट बनवाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा और विदेश यात्रा की बढ़ती जरूरतों के चलते हर साल आवेदन संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है।
पिछले वर्ष राज्य में करीब 4.51 लाख लोगों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा 5 लाख के पार पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। ऐसे में नई शुल्क व्यवस्था का प्रभाव बड़ी संख्या में लोगों पर देखने को मिलेगा।
यदि किसी व्यक्ति का पासपोर्ट खो जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो उसे नया पासपोर्ट जारी कराने के लिए भी अब अधिक शुल्क देना होगा।
नई व्यवस्था के अनुसार, 36 पेज वाले पासपोर्ट के री-इश्यू के लिए सामान्य श्रेणी में 5,000 रुपये और तत्काल सेवा में 7,500 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं 60 पेज वाले पासपोर्ट के री-इश्यू के लिए सामान्य श्रेणी में 6,000 रुपये तथा तत्काल सेवा में 8,500 रुपये का भुगतान करना होगा।
फीस बढ़ोतरी के बावजूद सरकार ने बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली राहत जारी रखी है। 8 वर्ष तक के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को पहले की तरह पासपोर्ट शुल्क में 10 प्रतिशत की छूट मिलती रहेगी।
विदेश मंत्रालय ने केवल पासपोर्ट शुल्क ही नहीं बढ़ाया है, बल्कि अन्य संबंधित सेवाओं की फीस में भी संशोधन किया है। अब पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) और सरेंडर सर्टिफिकेट बनवाने के लिए 750 रुपये शुल्क देना होगा। नई शुल्क व्यवस्था लागू होने के बाद पासपोर्ट बनवाने की योजना बना रहे लोगों को आवेदन करने से पहले नई फीस की जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए, ताकि प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।