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Bihar Road Accident : इलाज के लिए पटना जा रहे थे पिता-बेटा, रास्ते में हुआ ऐसा हादसा कि दोनों की चली गई जान

जहानाबाद के मखदुमपुर थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में राम विनोद पासवान और उनके कैंसर पीड़ित बेटे मोनू कुमार की मौत हो गई। दोनों बेहतर इलाज के लिए पटना जा रहे थे, लेकिन रास्ते में हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 30, 2026, 1:34:55 PM

 Bihar Road Accident

Bihar Road Accident - फ़ोटो ai photo

Bihar Road Accident : बिहार के जहानाबाद जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। मखदुमपुर थाना क्षेत्र में हुए इस हादसे में एक पिता और उनके कैंसर पीड़ित बेटे की मौत हो गई। दोनों इलाज के लिए पटना जा रहे थे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


मृतकों की पहचान राम विनोद पासवान और उनके पुत्र मोनू कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मोनू कुमार लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद पिता उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना ले जा रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि राजधानी में इलाज से बेटे की सेहत में सुधार होगा, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।


जानकारी के अनुसार, मखदुमपुर थाना क्षेत्र से गुजरने के दौरान उनकी गाड़ी सड़क हादसे का शिकार हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिता और पुत्र दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और दोनों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।


घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और हादसे की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में इसे सड़क दुर्घटना माना जा रहा है, हालांकि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।


परिजनों ने बताया कि मोनू कुमार काफी समय से कैंसर का इलाज करा रहे थे। बीमारी के चलते परिवार पहले से ही आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना कर रहा था। इलाज की उम्मीद में पिता अपने बेटे को पटना ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही दोनों की मौत हो जाने से परिवार पूरी तरह टूट गया है।


हादसे की खबर गांव पहुंचते ही मातम पसर गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतकों के घर पहुंचे और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। गांव के लोगों ने बताया कि राम विनोद पासवान बेहद मिलनसार और मेहनती व्यक्ति थे। वे अपने बेटे के इलाज के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे थे और लगातार अस्पतालों के चक्कर लगा रहे थे। किसी ने भी नहीं सोचा था कि इलाज के लिए निकला यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।


स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के बेहतर इंतजाम करने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।


पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साथ ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच जारी है। यदि किसी वाहन की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि सड़क दुर्घटनाएं पल भर में पूरे परिवार की खुशियां छीन सकती हैं। कैंसर से जूझ रहे बेटे को नई जिंदगी दिलाने की उम्मीद लेकर निकले पिता की उसी बेटे के साथ मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। गांव में हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि आखिर इस परिवार का क्या कसूर था, जिसे एक ही हादसे ने दोहरी त्रासदी दे दी।