PATNA: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। चुनाव आयोग ने उन्हें दोबारा नोटिस जारी किया है। आरोप है कि तेजस्वी यादव के पास दो अलग-अलग EPIC (मतदाता पहचान पत्र) हैं और उनमें से एक गलत जानकारी के साथ जारी किया गया है।
दस्तावेज़ मांगे गए
चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव से इस मामले में 8 अगस्त तक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने को कहा है। आयोग ने साफ किया है कि तेजस्वी को यह प्रमाण देना होगा कि उनके पास एक से अधिक मतदाता पहचान पत्र नहीं हैं, या अगर हैं तो किन परिस्थितियों में जारी हुए।
आरोप क्या हैं?
सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी यादव पर आरोप है कि उन्होंने दो अलग-अलग मतदाता पहचान पत्र बनवाए था. उन पर न सिर्फ ये आरोप है बल्कि इनमें से एक EPIC में गलत या भ्रामक जानकारी दिए जाने का भी आरोप है। यह मामला चुनाव आयोग के संज्ञान में आने के बाद जांच शुरू की गई थी।
पहले भी भेजा गया था नोटिस
इस मामले में यह चुनाव आयोग का तेजस्वी को दूसरा नोटिस है। इससे पहले भी आयोग ने तेजस्वी से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन अब तक उन्होंने चुनाव आयोग को कोई जवाब नहीं दिया है. इसीलिए आयोग ने दोबारा सख्ती दिखाते हुए नया नोटिस जारी किया है।
क्या है कानूनी पहलू?
दो EPIC कार्ड रखना जन प्रतिनिधित्व अधिनियम और चुनाव कानूनों के तहत गंभीर उल्लंघन माना जाता है। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो संबंधित व्यक्ति का मतदाता सूची से नाम हटाया जा सकता है और भविष्य में चुनाव लड़ने पर पाबंदी भी लग सकती है।
राजनीतिक असर
राजनीतिक तौर पर यह मामला बेहद संवेदनशील है, क्योंकि तेजस्वी यादव बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं और आगामी विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की ओर से सीएम फेस माने जा रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि यह मुद्दा राजनीतिक लाभ के लिए उछाला जा रहा है, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि कानून सभी पर बराबर लागू होना चाहिए। अब 8 अगस्त तक का इंतजार है, जब तेजस्वी यादव अपने दस्तावेज़ और जवाब चुनाव आयोग को सौंपेंगे, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

पटना से प्रिंस की रिपोर्ट


