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बिहार में नशे के कारोबार का अजब खेल: जब्त कोडीन कफ सिरप की थाने के मालखाने से हो रही थी सप्लाई, चार पुलिसकर्मी अरेस्ट, SHO सस्पेंड

Bihar News: सुपौल के प्रतापगंज थाना मालखाने से 6162 बोतल कोडीन युक्त कफ सिरप गायब होने का मामला सामने आया है। जांच के बाद थानाध्यक्ष को निलंबित कर कई पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है।

1st Bihar Published by: SANT SAROJ Updated Jun 19, 2026, 2:15:00 PM

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प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Bihar News: बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद नशे के अवैध कारोबार को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सुपौल जिले के प्रतापगंज थाना के मालखाने से जब्त कोडीन युक्त कफ सिरप की बड़े पैमाने पर हेराफेरी और अवैध बिक्री का खुलासा हुआ है। मामले के सामने आते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।


डीजीपी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर प्रतापगंज थाना की गतिविधियों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की गई। जांच के दौरान सामने आया कि एक मामले में पुलिस ने 7560 बोतल कोडीन युक्त कफ सिरप जब्त किया था। इनमें से 8 बोतलें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी गई थीं, इसलिए मालखाने में 7552 बोतलें मौजूद होनी चाहिए थीं। लेकिन जांच के समय केवल 1390 बोतलें ही मिलीं, जबकि 6162 बोतलें गायब पाई गईं।


जांच टीम के अनुसार, गायब बोतलों को लंबे समय से अवैध रूप से बेचकर ठिकाने लगाया जा रहा था। मामला तब और गंभीर हो गया जब मालखाने में 2842 ऐसी बोतलें बरामद हुईं, जिनका निर्माण वर्ष 2026 में हुआ था और जिनका बैच नंबर तथा ब्रांड जब्त किए गए माल से पूरी तरह अलग था। इससे आशंका जताई जा रही है कि गायब स्टॉक को छिपाने के लिए नई बोतलें रखी गई थीं।


जांच में केवल कफ सिरप ही नहीं, बल्कि थाने में जब्त वाहनों के टायर, टोटो की बैटरियां, डायनेमो और अन्य सामान की भी हेराफेरी के संकेत मिले हैं। जब जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज की मांग की, तो संबंधित रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं कराया जा सका, जिससे संदेह और गहरा गया।


पूछताछ के दौरान गिरफ्तार चौकीदार राहुल कुमार ने कई अहम खुलासे किए। उसने बताया कि त्रिवेणीगंज निवासी आशीष नामक व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद मालखाने से कफ सिरप निकालकर बेचने का सिलसिला शुरू हुआ। इस कार्य में अग्निशमन सिपाही रंजन राज, चालक मनीष कुमार और डायल-112 चालक अखिलेश कुमार भी शामिल थे। आरोप है कि रात के समय मालखाने से कफ सिरप बाहर भेजा जाता था और बिक्री से प्राप्त रकम आपस में बांट ली जाती थी।


राहुल कुमार ने यह भी स्वीकार किया कि वह पहले भी थाने में जब्त शराब, कफ सिरप, बाइक के पार्ट्स और अन्य सामान बेच चुका है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एक लूटकांड में इस्तेमाल की गई अपाची बाइक को कथित रूप से प्रभावशाली लोगों के दबाव में छोड़ दिया गया था।


मामले में प्रतापगंज थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है। वहीं चौकीदार राहुल कुमार, रंजन राज, मनीष कुमार और अखिलेश कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।


सुपौल के पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद विशेष जांच कराई गई थी। प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और मामले की जांच अभी जारी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, कुछ अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।