1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 19, 2026, 2:58:09 PM
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Bihar News: पटना में कोचिंग संस्थानों को लेकर चल रही चर्चाओं और हालिया विवादों के बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि राजधानी पटना में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों के लिए शहर से बाहर एक सुव्यवस्थित और आधुनिक कोचिंग हब विकसित करने की योजना पर सरकार काम करेगी।
नगर विकास एवं आवास विभाग की विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार का शिक्षा के क्षेत्र में गौरवशाली इतिहास रहा है। ऐसे में छात्रों और कोचिंग संस्थानों को बेहतर वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में अधिकांश कोचिंग संस्थान शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में संचालित हो रहे हैं, जिससे ट्रैफिक, पार्किंग और अन्य व्यवस्थागत समस्याएं उत्पन्न होती हैं। सरकार का प्रयास है कि सभी प्रमुख कोचिंग संस्थानों को एक संगठित केंद्र में स्थानांतरित किया जाए, जहां छात्रों के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों और संस्थानों को भी व्यवस्थित माहौल मिल सके।
सम्राट चौधरी ने बताया कि प्रस्तावित कोचिंग हब में सड़क, परिवहन, बिजली, पानी, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे न केवल छात्रों को लाभ होगा, बल्कि शहर में बढ़ती भीड़ और यातायात दबाव को भी कम करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पटना के दो चर्चित कोचिंग संचालकों खान सर और रौशन आनंद के बीच विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। सरकारी नौकरी में सफलता का श्रेय लेने को लेकर शुरू हुआ विवाद बाद में कानून-व्यवस्था का मामला बन गया।
गौरतलब है कि 4 जून को खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान में तोड़फोड़ की घटना हुई थी, जिसके बाद रौशन आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसी दौरान सोशल मीडिया पर कई वीडियो और आरोप-प्रत्यारोप सामने आए। मामले में खान सर के दो सुरक्षा गार्ड भी जेल गए थे और फैसल खान पर भी गिरफ्तारी की आशंका जताई गई थी। हालांकि बाद में अदालत से उन्हें राहत मिल गई।
जेल से रिहा होने के बाद रौशन आनंद ने खान सर के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है, जिसके चलते यह विवाद लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी बीच सरकार की ओर से कोचिंग संस्थानों के लिए अलग हब विकसित करने की योजना को शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।