1st Bihar Published by: SANT SAROJ Updated Jun 22, 2026, 12:33:37 PM
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google
Bihar Flood Alert: नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब बिहार में दिखाई देने लगा है। कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके बाद जल संसाधन विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। बढ़ते जलप्रवाह को नियंत्रित करने के लिए कोसी बराज के 11 फाटक खोल दिए गए हैं और तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
कोसी बराज स्थित कंट्रोल रूम से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह 10 बजे कोसी नदी का डिस्चार्ज 97,935 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो लगातार बढ़ रहा है। जलप्रवाह में हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
स्थिति को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि नेपाल के बराहक्षेत्र में भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार सुबह 10 बजे वहां 1,23,000 क्यूसेक जलप्रवाह रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि बराहक्षेत्र से आने वाला अतिरिक्त पानी अगले कुछ घंटों में कोसी नदी के जलस्तर को और बढ़ा सकता है।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यदि नेपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो सोमवार के दौरान कोसी नदी का जलप्रवाह 1.5 लाख क्यूसेक के आंकड़े को पार कर सकता है। इससे तटबंधों पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
विभाग के अनुसार इस वर्ष अब तक कोसी नदी का यह सबसे अधिक जलस्तर माना जा रहा है। वीरपुर स्थित जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने बताया कि नेपाल में हुई भारी वर्षा के कारण नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। संभावित स्थिति को देखते हुए विभाग पूरी तरह सतर्क है और सभी आवश्यक तैयारियां पहले से कर ली गई हैं।
उन्होंने बताया कि जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलते ही संबंधित क्षेत्रों के जूनियर इंजीनियर (जेई), सहायक अभियंता (एई) और अन्य तकनीकी कर्मियों को उनके निर्धारित स्थलों पर तैनात कर दिया गया है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील तटबंधों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। जल संसाधन विभाग ने अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी रखने का निर्देश दिया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भी चौकसी बढ़ा दी गई है।
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन जलस्तर में और वृद्धि की संभावना को देखते हुए लगातार निगरानी की जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।