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खुद को भरत तिवारी का भाई बताने वाला सिपाही निकला झूठा, चौकीदार के लिखित बयान से हुआ खुलासा; कोई पारिवारिक संबंध नहीं

Bharat Tiwari Encounter Case: आरा के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में नया मोड़ आया है। बिलौटी गांव के चौकीदार ने लिखित बयान जारी कर निलंबित सिपाही आशीष तिवारी के रिश्तेदारी के दावे को झूठा बताया है। मामले की समीक्षा में पुलिस और प्रशासन जुटे हैं।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 27, 2026, 11:57:52 AM

खुद को भरत तिवारी का भाई बताने वाला सिपाही निकला झूठा, चौकीदार के लिखित बयान से हुआ खुलासा; कोई पारिवारिक संबंध नहीं

- फ़ोटो Google

Bharat Tiwari Encounter Case: भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। खुद को भरत तिवारी का भाई बताने वाले निलंबित सिपाही आशीष तिवारी के दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरा जिले के बिलौटी गांव के चौकीदार राज कुमार ओझा ने लिखित बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि उनका आशीष तिवारी से किसी भी प्रकार का पारिवारिक संबंध नहीं है।


चौकीदार राज कुमार ओझा ने अपने बयान में कहा कि निलंबित सिपाही ने उन्हें अपना भाई बताकर गलत जानकारी फैलाई है। उन्होंने साफ किया कि न तो वे आशीष तिवारी के सगे भाई हैं और न ही चचेरे या किसी अन्य रिश्ते से जुड़े हुए हैं। उनके नाम और रिश्ते का गलत इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की गई, जिससे उनकी छवि भी प्रभावित हो सकती थी।


बताया जा रहा है कि भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद आशीष तिवारी ने खुद को उसका करीबी बताते हुए सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर कई दावे किए थे। इसी क्रम में उसने राज कुमार ओझा को भी अपना भाई बताया था। हालांकि चौकीदार के लिखित बयान के बाद यह दावा निराधार बताया जा रहा है।


इस खुलासे के बाद मामले को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर भी पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जा रही है। साथ ही, गलत जानकारी फैलाने के आरोपों को लेकर संबंधित निलंबित सिपाही की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।


चौकीदार के बयान के सामने आने के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि मामले में भ्रामक जानकारी प्रसारित किए जाने का आरोप लगाया गया है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है और जांच में कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं।

रिपोर्ट- सोहराब आलम, मोतिहारी