1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 01, 2026, 2:06:21 PM
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IPL 2026 : आईपीएल 2026 का खिताब जीतकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में आरसीबी ने गुजरात टाइटन्स को 5 विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की। कप्तान रजत पाटीदार की अगुवाई में टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए करोड़ों प्रशंसकों का सपना पूरा कर दिया।
फाइनल जीतने के बाद आरसीबी पर इनामों की बारिश हुई और टीम को विजेता बनने के पुरस्कार स्वरूप 20 करोड़ रुपये की प्राइज मनी दी गई। हालांकि यह पूरी राशि टीम के खाते में नहीं पहुंचेगी। भारतीय आयकर कानून के तहत इस रकम का बड़ा हिस्सा टैक्स के रूप में सरकार के पास जाएगा।
दरअसल, भारत में खेल प्रतियोगिताओं, लॉटरी और अन्य पुरस्कार योजनाओं में मिलने वाली बड़ी नकद राशि पर विशेष कर नियम लागू होते हैं। आयकर अधिनियम की धारा 194B के अनुसार किसी प्रतियोगिता में जीती गई पुरस्कार राशि पर स्रोत पर ही टैक्स काटा जाता है। यही नियम आईपीएल की विजेता टीम को मिलने वाली प्राइज मनी पर भी लागू होता है।
नियमों के मुताबिक पुरस्कार राशि पर 30 प्रतिशत की दर से आयकर लगाया जाता है। इसके अलावा इस टैक्स पर 4 प्रतिशत हेल्थ और एजुकेशन सेस भी जोड़ा जाता है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स दर 31.2 प्रतिशत हो जाती है। इसका मतलब यह है कि पुरस्कार राशि मिलने से पहले ही संबंधित संस्था टैक्स काटकर सरकार के खाते में जमा कर देती है।
अगर आरसीबी को मिली 20 करोड़ रुपये की प्राइज मनी का हिसाब लगाया जाए तो कुल राशि का 31.2 प्रतिशत यानी लगभग 6.24 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में कट जाएंगे। टैक्स कटौती के बाद टीम के पास करीब 13.76 करोड़ रुपये की शुद्ध राशि बचेगी। यही वह वास्तविक रकम होगी जो विजेता टीम को प्राप्त होगी।
फाइनल मुकाबले की बात करें तो गुजरात टाइटन्स ने खिताब जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन आरसीबी के खिलाड़ियों ने दबाव में शानदार खेल दिखाया। बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर बेंगलुरु ने मैच पर पकड़ बनाए रखी और आखिरकार जीत हासिल कर ली। मैच समाप्त होते ही स्टेडियम में जश्न का माहौल बन गया और आरसीबी के खिलाड़ी तथा समर्थक खुशी से झूम उठे।
अवॉर्ड समारोह के दौरान खिलाड़ियों को ट्रॉफी के साथ नकद पुरस्कार भी प्रदान किया गया। लेकिन क्रिकेट के मैदान पर मिलने वाली इस मोटी कमाई का एक हिस्सा टैक्स नियमों के कारण सीधे सरकारी खजाने में चला जाता है। यही वजह है कि घोषित प्राइज मनी और टीम को मिलने वाली वास्तविक राशि में बड़ा अंतर देखने को मिलता है।
आरसीबी की इस ऐतिहासिक जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि टीम अब सिर्फ लोकप्रियता ही नहीं, बल्कि प्रदर्शन के मामले में भी आईपीएल की सबसे मजबूत टीमों में शामिल हो चुकी है। हालांकि ट्रॉफी जीतने की खुशी के बीच टैक्स कटौती का यह गणित भी चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि करोड़ों रुपये के इनाम में से एक बड़ा हिस्सा सीधे आयकर विभाग के खाते में पहुंचने वाला है।