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Ration Card News : राशन कार्ड से कट रहा है आपका नाम? जानिए 5 बड़े कारण, गलती होने पर ऐसे वापस जुड़वा सकते हैं नाम

देशभर में राशन कार्डों का सत्यापन अभियान तेज हो गया है। e-KYC, आय सीमा, संपत्ति और अन्य नियमों के आधार पर लाखों लोगों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। जानिए किन 5 कारणों से नाम कट सकता है और गलती होने पर उसे कैसे वापस जुड़वाएं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 10, 2026, 10:00:25 AM

Ration Card News : राशन कार्ड से कट रहा है आपका नाम? जानिए 5 बड़े कारण, गलती होने पर ऐसे वापस जुड़वा सकते हैं नाम

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नई दिल्ली : देशभर में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राशन कार्डों का सत्यापन और डिजिटलीकरण तेजी से किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य फर्जी और अपात्र लाभार्थियों को सूची से हटाकर सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है। इसी प्रक्रिया के दौरान कई राज्यों में लाखों लोगों के नाम राशन कार्ड सूची से हटाए गए हैं। ऐसे में यदि आपका नाम भी राशन कार्ड से कट गया है या आपको आशंका है कि भविष्य में ऐसा हो सकता है, तो इसके पीछे के कारणों को समझना बेहद जरूरी है।


सरकार आधार लिंकिंग, ई-केवाईसी, आय संबंधी जानकारी और अन्य सरकारी रिकॉर्ड का मिलान कर रही है। यदि किसी व्यक्ति की जानकारी तय नियमों से मेल नहीं खाती है, तो उसका नाम राशन कार्ड से हटाया जा सकता है। हालांकि, यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम तकनीकी या दस्तावेजी गलती के कारण कट गया है, तो उसे दोबारा जुड़वाने का भी प्रावधान मौजूद है।


ई-केवाईसी नहीं कराने वालों पर सबसे पहले कार्रवाई

राशन कार्ड से नाम कटने का सबसे बड़ा कारण ई-केवाईसी नहीं कराना है। केंद्र और राज्य सरकारों ने राशन कार्ड धारकों के लिए आधार कार्ड से लिंकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन को अनिवार्य किया है। इसके तहत परिवार के प्रत्येक सदस्य को उचित मूल्य की दुकान पर जाकर पीओएस मशीन में अंगूठे के जरिए अपनी पहचान सत्यापित करनी होती है। जो परिवार कई बार सूचना मिलने के बावजूद ई-केवाईसी नहीं कराते हैं, उन्हें सिस्टम में निष्क्रिय या संदिग्ध माना जाता है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति या पूरे परिवार का नाम राशन कार्ड सूची से हटाया जा सकता है।


तय सीमा से अधिक आय होने पर भी खत्म हो सकती है पात्रता

राशन कार्ड का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए निर्धारित है। यदि किसी परिवार की आय राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक हो जाती है, तो वह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पात्र नहीं माना जाता। कई मामलों में लोग बैंक लोन या अन्य वित्तीय कारणों से अपनी आय आयकर रिटर्न (ITR) में अधिक दिखाते हैं। बाद में यही जानकारी सरकारी डेटाबेस में दर्ज होने के कारण संबंधित परिवार को अपात्र घोषित कर दिया जाता है। इसलिए आय संबंधी जानकारी सही और अद्यतन रखना आवश्यक है।


पक्का मकान, चार पहिया वाहन और अधिक संपत्ति भी बन सकती है वजह

सरकार पात्रता तय करते समय परिवार की आर्थिक स्थिति का भी मूल्यांकन करती है। यदि किसी परिवार के पास निर्धारित सीमा से अधिक कृषि भूमि, बड़ा पक्का मकान, फ्लैट या चार पहिया वाहन मौजूद है, तो उसे आर्थिक रूप से सक्षम माना जा सकता है। कई राज्यों में कार, ट्रैक्टर या व्यावसायिक वाहन रखने वाले परिवारों को राशन योजना के दायरे से बाहर रखा जाता है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक सिंचित भूमि और शहरी क्षेत्रों में बड़े आवासीय संपत्ति वाले लोगों की भी पात्रता समाप्त हो सकती है।


परिवार में आयकर दाता होने पर भी कट सकता है नाम

यदि राशन कार्ड में शामिल परिवार का कोई सदस्य नियमित रूप से आयकर भरता है, सरकारी नौकरी में कार्यरत है या निजी क्षेत्र में अच्छी आय अर्जित कर रहा है, तो पूरा परिवार राशन योजना के लिए अपात्र घोषित किया जा सकता है।सरकार अब विभिन्न विभागों के डिजिटल रिकॉर्ड को आपस में जोड़ रही है। इससे आयकर विभाग, परिवहन विभाग, बैंकिंग और अन्य सरकारी आंकड़ों का मिलान आसानी से हो रहा है। इसी प्रक्रिया में कई अपात्र लोगों की पहचान कर उनके नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।


लंबे समय तक राशन नहीं लेने वालों पर भी नजर

यदि कोई राशन कार्ड धारक लगातार तीन से छह महीने तक अपना निर्धारित राशन नहीं उठाता है, तो खाद्य विभाग की प्रणाली यह मान सकती है कि संबंधित परिवार को राशन की आवश्यकता नहीं है या वह उस पते पर निवास नहीं करता।इसके अलावा परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु होने के बाद उसका नाम राशन कार्ड से नहीं हटाना, शादी के बाद बेटी का नाम मायके और ससुराल दोनों राशन कार्ड में बने रहना या पलायन के बाद भी पुराने पते पर कार्ड चालू रखना भी नियमों का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे मामलों में जांच के बाद नाम हटाया जा सकता है।


नाम कट जाए तो घबराएं नहीं, ऐसे करें सुधार

यदि आपका नाम गलती से राशन कार्ड से हट गया है और आप योजना के पात्र हैं, तो सबसे पहले अपने नजदीकी उचित मूल्य दुकान के डीलर से संपर्क करें। वहां पीओएस मशीन के माध्यम से यह जांच कराएं कि आपका ई-केवाईसी पूरा हुआ है या नहीं।


यदि किसी दस्तावेज की कमी है, तो उसे तुरंत पूरा करें। इसके बाद अपने प्रखंड या ब्लॉक स्थित आपूर्ति कार्यालय में आवेदन जमा करें। आवेदन के साथ आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें। संबंधित अधिकारी दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद आपका नाम दोबारा राशन कार्ड में जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। यदि आपके राज्य में ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है, तो खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर शिकायत भी दर्ज की जा सकती है। शिकायत संख्या के माध्यम से आवेदन की स्थिति भी ट्रैक की जा सकती है।

पात्र लोग समय पर कराएं जरूरी प्रक्रिया

विशेषज्ञों का कहना है कि राशन कार्ड धारकों को समय-समय पर ई-केवाईसी, आधार लिंकिंग और परिवार की जानकारी अपडेट कराते रहना चाहिए। यदि परिवार में किसी सदस्य का जन्म, मृत्यु, विवाह या पता परिवर्तन हुआ है, तो इसकी सूचना जल्द से जल्द खाद्य विभाग को देना जरूरी है। इससे भविष्य में नाम कटने जैसी समस्या से बचा जा सकता है।

सरकार का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य किसी पात्र व्यक्ति का नाम हटाना नहीं, बल्कि फर्जी और अपात्र लाभार्थियों को सूची से बाहर कर खाद्यान्न का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है। इसलिए सभी राशन कार्ड धारकों को अपने दस्तावेज और रिकॉर्ड समय पर अपडेट रखने की सलाह दी जा रही है।