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Bihar Expressway : बिहार को मिला पहला एक्सप्रेसवे! पटना से पूर्णिया अब सिर्फ 3 घंटे में; जानिए कैसे बदलेगी 8 जिलों की किस्मत

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे को केंद्र से वित्तीय मंजूरी मिल गई है। 32,000 करोड़ की इस परियोजना से सफर महज 3 घंटे में पूरा होगा और बिहार के 8 जिलों की कनेक्टिविटी व विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

Bihar Expressway : बिहार को मिला पहला एक्सप्रेसवे! पटना से पूर्णिया अब सिर्फ 3 घंटे में; जानिए कैसे बदलेगी 8 जिलों की किस्मत
Tejpratap
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Bihar Expressway : बिहार के बुनियादी ढांचे के इतिहास में एक बड़ा बदलाव आने जा रहा है। राज्य के पहले एक्सप्रेसवे, Patna–Purnea Expressway (NE-9), को केंद्र सरकार से वित्तीय मंजूरी मिल गई है। आर्थिक कार्य विभाग की पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप अप्रेजल कमेटी (PPPAC) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दे दी है। अब यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय कैबिनेट के पास भेजा गया है, जिसके बाद निर्माण कार्य तेजी से शुरू होने की उम्मीद है।


यह एक्सप्रेसवे बिहार के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। इसके बनने से राजधानी पटना से सीमांचल क्षेत्र के पूर्णिया तक की दूरी काफी कम हो जाएगी। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे, जिससे यह सफर महज तीन घंटे में पूरा किया जा सकेगा। वर्तमान में यह यात्रा काफी समय लेने वाली और जटिल मानी जाती है।


इस परियोजना का निर्माण ‘हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल’ (HAM) के तहत किया जाएगा। इस मॉडल में कुल लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करती है, जबकि शेष 60 प्रतिशत राशि निर्माण एजेंसी द्वारा निवेश की जाती है। लगभग 32,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह एक्सप्रेसवे फिलहाल चार लेन का होगा, लेकिन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जमीन का अधिग्रहण छह लेन के हिसाब से किया जा रहा है।


यह एक्सप्रेसवे Hajipur के पास मीरनगर अरेजी से शुरू होकर Purnea के हंसदाह में ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से जुड़ेगा। इसके निर्माण से राज्य के कई प्रमुख जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। इस परियोजना के दायरे में वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया सहित कुल आठ जिले आएंगे, जिससे इन इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।


परियोजना का सबसे अहम और आकर्षक हिस्सा कोसी नदी पर बनने वाला लगभग 7 किलोमीटर लंबा छह लेन का पुल होगा, जो Kusheshwar Asthan और Simri Bakhtiyarpur को जोड़ेगा। यह पुल न केवल इंजीनियरिंग का अद्भुत उदाहरण होगा, बल्कि कोसी क्षेत्र में आवागमन को भी बेहद आसान बना देगा, जो अक्सर बाढ़ और खराब सड़कों के कारण प्रभावित रहता है।


इसके अलावा, एक्सप्रेसवे को तीन अलग-अलग पैकेजों में तैयार किया जाएगा। यात्रा को बाधारहित बनाने के लिए इस मार्ग पर 21 बड़े पुल और 11 रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। साथ ही समस्तीपुर, सहरसा और मधेपुरा जैसे जिला मुख्यालयों को एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए विशेष लिंक रोड का भी निर्माण किया जाएगा।


यह एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि बिहार की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला ‘ग्रोथ इंजन’ साबित हो सकता है। इसके शुरू होने से न केवल पटना और पूर्णिया के बीच की दूरी कम होगी, बल्कि West Bengal और Assam की ओर जाने वाले यातायात को भी सुगम मार्ग मिलेगा। इससे माल ढुलाई तेज होगी और व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।


साथ ही, यह परियोजना पटना रिंग रोड से भी जुड़ने वाली है, जिससे राजधानी में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। कुल मिलाकर, केंद्रीय कैबिनेट की अंतिम मंजूरी मिलते ही यह परियोजना बिहार के विकास की रफ्तार को नई ऊंचाई देने के लिए तैयार है।

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Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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