Bihar Police Attack : बिहार में एक बार फिर पुलिस पर हमले की गंभीर घटना सामने आई है। जिले के रामपुर थाना क्षेत्र में देर रात गश्ती पर निकली पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया, जिसमें एएसआई विक्रम पासवान गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले में उनका दायां हाथ टूट गया और उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और कई थानों की टीम ने मिलकर छापेमारी शुरू कर दी। इस मामले में वार्ड पार्षद समेत कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
यह घटना मंगलवार देर रात करीब दो बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, Gaya के गेवालबिगहा मोड़ के पास Ramapur Police Station की गश्ती टीम नियमित गश्त पर थी। टीम का नेतृत्व एएसआई विक्रम पासवान कर रहे थे। गश्त के दौरान पुलिस टीम ने देखा कि एक दुकान देर रात तक खुली हुई थी और वहां 10 से 15 लोग शोर-शराबा कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, एएसआई विक्रम पासवान ने मौके पर पहुंचकर दुकानदार को समझाया कि रात के दो बज चुके हैं और दुकान बंद कर देनी चाहिए। इसी दौरान वहां मौजूद एक व्यक्ति, जो नशे की हालत में बताया जा रहा है, पुलिस से उलझ गया और गाली-गलौज करने लगा। मामला बढ़ने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर गाड़ी में बैठाने की कोशिश की।
इसी बीच स्थिति अचानक बेकाबू हो गई। आरोपी के समर्थन में मौजूद लगभग 10 लोगों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। हमलावरों ने एएसआई विक्रम पासवान पर लाठी-डंडों से हमला किया, जिससे उनका हाथ टूट गया और उन्हें गंभीर चोटें आईं। इस दौरान दो अन्य पुलिसकर्मी और गाड़ी के चालक के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई।
हमलावरों ने हिरासत में लिए गए व्यक्ति को पुलिस के कब्जे से छुड़ा लिया और मौके से फरार हो गए। अचानक हुए इस हमले से पुलिस टीम असहाय हो गई और किसी तरह जान बचाकर वहां से निकली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। इसके बाद रामपुर थाना प्रभारी दिनेश बहादुर सिंह, सिविल लाइंस थाना प्रभारी शमीम अहमद और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। बाद में कई अन्य थानों की पुलिस गाड़ियों ने भी इलाके में छापेमारी शुरू कर दी।
घायल एएसआई विक्रम पासवान को तुरंत इलाज के लिए Magadh Medical College and Hospital में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए उन्हें ICU में रखा है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उनकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, लेकिन चोटें गंभीर हैं।
घायल एएसआई ने घटना की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि वे रात 10 बजे गश्ती पर निकले थे और कई इलाकों से होते हुए गेवालबिगहा मोड़ पहुंचे थे। वहां उन्होंने देखा कि दुकान खुली है और भीड़ लगी हुई है। जैसे ही उन्होंने कार्रवाई शुरू की, विवाद बढ़ गया और हमला हो गया।
रामपुर थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में मुख्य आरोपी की पहचान कर ली गई है। आरोपियों में सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के नादरागंज मोहल्ले के रहने वाले कलाम कुरैशी का नाम सामने आया है, जो कथित रूप से वार्ड पार्षद बताया जा रहा है। इसके अलावा उसके साथ कई अन्य लोग भी शामिल थे।
पुलिस ने बताया कि अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी कलाम कुरैशी और अन्य लोग फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस मामले में एएसआई विक्रम पासवान के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। कुल पांच नामजद और 10–12 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है, हालांकि पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि पुलिस पर हमला करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है।





