1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 01, 2026, 11:28:25 AM
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Patna Breaking : बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद अवैध शराब और नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई के दौरान सरकारी टीमों पर हमले की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला पटना जिले के पालीगंज का है, जहां छापेमारी कर लौट रही आबकारी विभाग की टीम पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी। हमले में विभाग की स्कॉर्पियो वाहन क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि वाहन में सवार सभी अधिकारी और जवान सुरक्षित बच गए। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार की देर शाम आबकारी विभाग की टीम शराब और नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर लौट रही थी। टीम ने महाराजगंज मुसहरी इलाके में छापेमारी कर पांच लोगों को नशे की हालत में पकड़ा था। इन सभी को स्कॉर्पियो वाहन से आबकारी थाना पालीगंज लाया जा रहा था। इसी दौरान अक्तियारपुर पुल के पास पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने टीम के वाहन को निशाना बनाते हुए गोली चला दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गोली स्कॉर्पियो के दाहिने तरफ के शीशे को तोड़ते हुए अंदर से गुजरकर बाएं तरफ के शीशे को भी चीरते हुए बाहर निकल गई। घटना के समय वाहन में आबकारी विभाग के जवान और अधिकारी मौजूद थे। गोली जिस स्थान से होकर गुजरी, वहां बैठे जवान प्रिंस मिश्रा बाल-बाल बच गए। यदि गोली का दिशा थोड़ी भी बदल जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को तेज गति से सुरक्षित स्थान की ओर ले गया, जिससे बदमाश अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए, जबकि हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
आबकारी अधिकारी वैद्यनाथ यादव ने बताया कि विभाग की टीम तीन अलग-अलग वाहनों में अभियान चला रही थी। छापेमारी के दौरान पांच नशेड़ियों को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें थाना लाया जा रहा था। इसी बीच अक्तियारपुर पुल के पास अचानक हमला कर दिया गया। उन्होंने कहा कि घटना की सूचना तत्काल पुलिस और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।
उत्पाद अधीक्षक अभय मिश्रा ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हमला शराब कारोबारियों ने अपनी कार्रवाई से बचने के लिए किया या फिर इसके पीछे कोई अन्य कारण है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
वहीं, पालीगंज थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है तथा घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को एकत्र किया गया है। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आबकारी विभाग की ओर से औपचारिक आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। साथ ही हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी शुरू कर दी गई है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अवैध शराब और नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करने वाली सरकारी टीमों की सुरक्षा कितनी चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है।