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पटना में ध्वनि और पर्यावरण प्रदूषण पर हाईकोर्ट सख्त, लापरवाही पर थानेदारों को लगाई फटकार

Patna High Court: पटना हाईकोर्ट ने ध्वनि और पर्यावरण प्रदूषण पर नियंत्रण में लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाया है। डीजे और प्रेशर हॉर्न के बढ़ते उपयोग पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने कई थानों को विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 19, 2026, 6:05:27 PM

Patna High Court News

- फ़ोटो File

Patna High Court: पटना में ध्वनि एवं पर्यावरण प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने को लेकर पटना हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति राजीव रॉय की एकलपीठ ने सुरेंद्र प्रसाद की याचिका पर सुनवाई करते हुए विभिन्न थानों द्वारा दाखिल अनुपालन रिपोर्टों पर असंतोष जताया।


हाई कोर्ट ने कहा कि पूर्व आदेशों के अनुरूप कार्रवाई नहीं की गई है। अदालत ने कई थानाध्यक्षों की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि यदि लापरवाही जारी रही तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्रतिकूल न्यायिक कार्रवाई की जाएगी।


यह मामला अदालत अवमानना याचिका से जुड़ा है, जिसमें डीजे, उच्च ध्वनि वाले साउंड सिस्टम और प्रतिबंधित प्रेशर हॉर्न के अनियंत्रित उपयोग का मुद्दा उठाया गया है। सुनवाई के दौरान न्यायालय मित्र के रूप में वरीय अधिवक्ता अजय उपस्थित रहे, जबकि राज्य सरकार की ओर से सरकारी अधिवक्ता प्रशांत प्रताप ने पक्ष रखा।


अदालत ने बुद्धा कॉलोनी, गांधी मैदान, रूपसपुर, राजीव नगर और पोठिया थाना क्षेत्रों से प्राप्त रिपोर्टों को अपर्याप्त बताया। विशेष रूप से बुद्धा कॉलोनी थानाध्यक्ष की रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अदालत ने कहा कि सभी मैरिज हॉल का विवरण देने के बजाय केवल कुछ संस्थानों से ही शपथपत्र लिया गया है।


अदालत ने निर्देश दिया कि क्षेत्र के सभी मैरिज हॉल की पूरी सूची और उनसे संबंधित उपबंधों का विस्तृत विवरण शपथपत्र के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दाखिल हलफनामे पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने रूपसपुर के निर्माणाधीन क्षेत्रों में धूल प्रदूषण रोकने के लिए नियमित जल छिड़काव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही बिहटा के निर्माणाधीन क्षेत्रों में भी इसी व्यवस्था को लागू करने की आवश्यकता बताई गई।


फुलवारीशरीफ क्षेत्र में प्रेशर हॉर्न के बढ़ते उपयोग पर अदालत ने चिंता जताई और संबंधित थानाध्यक्ष को विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया। वहीं कदमकुआं और छपरा थाना द्वारा प्रस्तुत कार्रवाई रिपोर्ट को संतोषजनक मानते हुए अदालत ने दोनों थानाध्यक्षों की सराहना की। मामले की अगली सुनवाई 10 दिनों बाद होगी। अदालत ने सभी संबंधित थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे कार्रवाई की तिथि, प्रकृति और परिणाम का पूरा विवरण देते हुए नया विस्तृत हलफनामा प्रस्तुत करें।