1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 23, 2026, 8:10:57 AM
हाई कोर्ट का बड़ा फैसला - फ़ोटो Google
Patna High Court News: पटना हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए में कहा है कि दांगी और कुशवाहा दो अलग-अलग जातियां हैं। कुशवाहा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में आता है, जबकि दांगी अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) में शामिल है।
अदालत ने कहा कि EBC के लिए आरक्षित सीट पर OBC समुदाय से संबंधित व्यक्ति मुखिया पद का चुनाव नहीं लड़ सकता है। न्यायमूर्ति सुधीर सिंह और न्यायमूर्ति शैलेन्द्र सिंह की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई की। पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड के बगही बघमहारपुर पंचायत के मुखिया मनोज प्रसाद की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
आवेदक वर्ष 2021 में उक्त पंचायत से मुखिया निर्वाचित हुए थे। उसी पंचायत के संतोष कुमार ने उनके निर्वाचन को चुनौती दी। उनका आरोप थाकि अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीट पर फर्जी जाति सर्टिफिकेट के आधार पर उन्होंने चुनाव में जीत हासिल की है।
उन्होंने मुखिया के निर्वाचन को निरस्त करने की राज्य निर्वाचन आयोग से गुहार लगाई है। उनका कहना था कि आवेदक दांगी जाति के बजाय कोइरी (कुशवाहा) जातिसे आते हैं। शिकायत के आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग ने पूरे मामले की जांच कराई।
कमेटि की रिपोर्ट में कहा गया कि आवेदक कुशवाहा जाति से आते हैं। मामले पर अहम फैसला सुनाते हुए कोर्ट अर्जी को खारिज कर दिया।