1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 25, 2026, 6:20:18 AM
Bihar news - फ़ोटो Ai photo
Bihar News: पटना जिले के सभी सिविल कोर्ट और अनुमंडलीय न्यायालयों में सोमवार से फिर नियमित रूप से न्यायिक कार्य शुरू हो जाएगा। इस संबंध में पटना सिविल कोर्ट के रजिस्ट्रार की ओर से बुधवार को पटना जिला अधिवक्ता संघ को आधिकारिक सूचना जारी कर दी गई है। सूचना जारी होने के बाद अधिवक्ताओं और आम लोगों को कोर्ट की कार्यप्रणाली को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है।
जारी आदेश के अनुसार, पटना सिविल कोर्ट परिसर के साथ-साथ दानापुर, पटना सिटी, मसौढ़ी, बाढ़ सिविल कोर्ट और पालीगंज अनुमंडलीय कोर्ट में निर्धारित समय के अनुसार सुनवाई और अन्य न्यायिक प्रक्रियाएं संचालित होंगी।
सुबह और दोपहर की पाली में होगा न्यायिक कार्य
कोर्ट में न्यायिक कार्य दो पालियों में चलेंगे। पहली पाली में सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक मामलों की सुनवाई और अन्य न्यायिक कार्य किए जाएंगे। इसके बाद दूसरी पाली में दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
वहीं, कोर्ट कार्यालय का कामकाज सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक संचालित होगा। इस दौरान कोर्ट से जुड़े प्रशासनिक कार्य, दस्तावेजों की प्रक्रिया और अन्य कार्यालयी गतिविधियां पूरी की जाएंगी।
अधिवक्ताओं और पक्षकारों को मिली राहत
न्यायिक कार्य शुरू होने की सूचना से अधिवक्ताओं और मुकदमों से जुड़े पक्षकारों को राहत मिली है। लंबे समय से कई मामलों की सुनवाई और कोर्ट संबंधी प्रक्रियाओं को लेकर लोगों को समय की जानकारी का इंतजार था। अब नई व्यवस्था के तहत लोग निर्धारित समय पर कोर्ट पहुंचकर अपने मामलों की सुनवाई में शामिल हो सकेंगे।
पटना जिले के विभिन्न न्यायालयों में हजारों की संख्या में रोजाना लोग अपने मुकदमों और कानूनी कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में कोर्ट के समय और कार्य प्रणाली की स्पष्ट जानकारी मिलना आम लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कोर्ट प्रशासन ने जारी की आधिकारिक सूचना
पटना सिविल कोर्ट के रजिस्ट्रार की ओर से जारी सूचना में सभी संबंधित पक्षों को नई व्यवस्था के अनुसार कार्य करने का निर्देश दिया गया है। अधिवक्ता संघ को भी इसकी जानकारी उपलब्ध करा दी गई है, ताकि सभी वकील और न्यायिक कार्य से जुड़े लोग नए समय के अनुसार अपनी तैयारी कर सकें।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पटना जिले के सभी प्रमुख न्यायालयों में मामलों की सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया पहले की तरह नियमित रूप से संचालित होगी।