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NEET Re Exam Scam : NEET री-एग्जाम में PMCH, AIIMS और BHU के छात्र फर्जी परीक्षार्थी बनकर पहुंचे, लखीसराय में सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़; 24 गिरफ्तार

लखीसराय में नीट पुनर्परीक्षा के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। 5 मेडिकल छात्रों समेत दो दर्जन लोग गिरफ्तार हुए हैं। बायोमेट्रिक कंपनी के 14 कर्मियों की मिलीभगत भी सामने आई है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 22, 2026, 9:48:29 AM

NEET Re Exam Scam : NEET री-एग्जाम में PMCH, AIIMS और BHU के छात्र फर्जी परीक्षार्थी बनकर पहुंचे, लखीसराय में सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़; 24 गिरफ्तार

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NEET Re Exam Scam : बिहार में आयोजित नीट यूजी पुनर्परीक्षा के दौरान लखीसराय जिले से एक बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने अब तक 5 मेडिकल छात्रों समेत करीब दो दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में परीक्षा केंद्रों पर तैनात बायोमेट्रिक कंपनी के 14 कर्मचारियों की भी गिरफ्तारी हुई है। जांच में यह खुलासा हुआ है कि असली परीक्षार्थियों की जगह ‘मुन्नाभाई’ बैठाकर परीक्षा दिलाने की बड़ी साजिश रची गई थी।


पुलिस के अनुसार, लखीसराय के हाई स्कूल हसनपुर, केआरके हायर सेकेंडरी स्कूल और केंद्रीय विद्यालय परीक्षा केंद्रों से सॉल्वर गैंग के सदस्यों और फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ा गया। इस पूरे नेटवर्क का सरगना एएनएमएमसीएच गया का मेडिकल छात्र अर्पित राज बताया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 के नीट पेपर लीक मामले की जांच के दौरान भी सीबीआई अर्पित राज से पूछताछ कर चुकी है।


इस मामले में पीएमसीएच पटना के थर्ड ईयर एमबीबीएस छात्र मयंक कश्यप को भी गिरफ्तार किया गया है। मयंक हाजीपुर का रहने वाला है और उसने बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारियों से संपर्क बनाकर खुद को स्टाफ बताकर हसनपुर हाई स्कूल परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया था। पुलिस की नियमित जांच के दौरान सबसे पहले मयंक कश्यप को पकड़ा गया, जिसके बाद पूरे सॉल्वर गैंग का खुलासा हो गया।


पुलिस पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर केआरके हायर सेकेंडरी और केंद्रीय विद्यालय लखीसराय में भी छापेमारी की गई। वहां से सात अन्य फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि बायोमेट्रिक कंपनी के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से यह पूरा नेटवर्क संचालित हो रहा था।


गिरफ्तार लोगों में बीएचयू नर्सिंग की छात्रा पूनम कुमारी भी शामिल है, जो मधुप्रिया नामक परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा देती हुई पकड़ी गई। इसके अलावा एम्स रायबरेली के छात्र सौरभ झा, यूपी मेडिकल कॉलेज शाहदरा दिल्ली के इंटर्न अमन अग्रवाल तथा एनएमसीएच नर्सिंग के छात्र संजीत और उसके भाई को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।


नीट परीक्षा के दौरान मेडिकल छात्रों को अपने-अपने कॉलेज कैंपस से बाहर निकलने से रोकने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। पीएमसीएच समेत कई मेडिकल कॉलेजों में सेमिनार और क्विज कार्यक्रम आयोजित किए गए थे ताकि छात्र परिसर से बाहर न जाएं। इसके बावजूद पीएमसीएच के कुछ छात्र इन कार्यक्रमों में शामिल नहीं हुए।


जांच में सामने आया है कि पीएमसीएच का छात्र मयंक कश्यप बीमारी का बहाना बनाकर कॉलेज से गायब हुआ था और बाद में लखीसराय में पकड़ा गया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के आर्थिक लेन-देन, अन्य राज्यों से जुड़े तार और बायोमेट्रिक एजेंसी की भूमिका की भी जांच कर रही है।


इस बड़े खुलासे के बाद बिहार में नीट परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था और बायोमेट्रिक सिस्टम की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस और प्रशासन मामले की गहन जांच में जुटे हैं और आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।