1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 26, 2026, 6:33:11 AM
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Bihar News: नीट पुनर्परीक्षा से जुड़े मामले की जांच अब और तेज हो गई है। बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने लखीसराय में दर्ज तीन मामलों की जांच के लिए विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया है। इस एसआईटी में कुल 12 अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो पूरे मामले की गहराई से जांच करेंगे।
EOU के अनुसार, गठित एसआईटी का नेतृत्व डीआईजी रैंक के अधिकारी करेंगे। टीम में एक एसपी, पांच डीएसपी और पांच इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह टीम अब लखीसराय जिले के किऊल और कवैया थाना क्षेत्रों में दर्ज नीट पुनर्परीक्षा से संबंधित मामलों की जांच को आगे बढ़ाएगी।
एफआईआर और अब तक की कार्रवाई की हुई समीक्षा
जांच की जिम्मेदारी मिलने के बाद एसआईटी ने सबसे पहले लखीसराय में दर्ज एफआईआर और अब तक पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा की। अधिकारियों ने मामले से जुड़े सभी तथ्यों को समझा और आगे की जांच को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए।
एसआईटी अब यह पता लगाने में जुटेगी कि नीट पुनर्परीक्षा मामले में किन-किन लोगों की भूमिका रही है। इसके अलावा जांच एजेंसी यह भी देखेगी कि कहीं परीक्षा प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी, अनियमितता या किसी बड़ी साजिश को अंजाम तो नहीं दिया गया।
कई पहलुओं पर होगी जांच
EOU की टीम मामले के हर पहलू की जांच करेगी। इसमें संदिग्ध लोगों की भूमिका, आपसी संपर्क, घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। जांच एजेंसी का उद्देश्य पूरे मामले की वास्तविकता सामने लाना और जिम्मेदार लोगों की पहचान करना है।
अधिकारियों के मुताबिक, पहले से इस मामले की जांच चल रही थी, लेकिन अब विशेष टीम के गठन के बाद जांच प्रक्रिया को और गति मिलने की उम्मीद है। एसआईटी के गठन से जांच को बेहतर तरीके से संचालित करने और सभी पहलुओं की निगरानी करने में मदद मिलेगी।
नीट पुनर्परीक्षा मामला बना चर्चा का विषय
नीट परीक्षा से जुड़े मामलों को लेकर देशभर में चर्चा रही है। बिहार में भी परीक्षा प्रक्रिया और उससे जुड़े मामलों को लेकर जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। लखीसराय में दर्ज मामलों की जांच अब एसआईटी करेगी, जिससे आने वाले दिनों में कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना है।
EOU अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले में शामिल लोगों और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल एसआईटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है और संबंधित अधिकारियों से जानकारी जुटाई जा रही है।