ब्रेकिंग
UCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू होमंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लासनीतीश कुमार पर प्रशांत किशोर ने बोला बड़ा हमला, कहा..अब JDU भी परिवारवाद से अछूता नहीं रहा हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तारपटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंधUCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू होमंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लासनीतीश कुमार पर प्रशांत किशोर ने बोला बड़ा हमला, कहा..अब JDU भी परिवारवाद से अछूता नहीं रहा हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तारपटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंध

बिजली विभाग के इंजीनियर पर शिकंजा, आय से 62% ज्यादा संपत्ति का खुलासा

आर्थिक अपराध इकाई ने NBPDCL के अभियंता मनोज रजक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में 7 ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में अतिरिक्त जमीन और नेपाल में निवेश के साक्ष्य मिले हैं।

बिहार न्यूज
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

DESK:आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या-02/2026 के तहत NBPDCL (नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड) के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में उनके भाई संजय रजक को भी सह-अभियुक्त बनाया गया है।


प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि वर्ष 2009 में सरकारी सेवा में आने के बाद मनोज रजक ने अपनी ज्ञात आय से लगभग 62.66% अधिक संपत्ति अर्जित की है। इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने न्यायालय से वारंट प्राप्त कर 17 मार्च 2026 को अभियुक्त के कुल 7 ठिकानों—आवासीय, कार्यालय और व्यावसायिक परिसरों—पर छापेमारी की, जो देर शाम तक जारी रही।


तलाशी के दौरान प्राथमिकी में उल्लेखित 13 भू-खंडों के अलावा 4 अन्य भू-खंडों से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही नेपाल में संपत्ति निवेश के भी साक्ष्य मिले हैं, जिनकी विधिसम्मत जांच की जाएगी। आर्थिक अपराध इकाई ने यह भी बताया कि अभियुक्त द्वारा लिए गए हालिया विभागीय निर्णयों की समीक्षा की जाएगी, खासकर उन मामलों की जिनमें सार्वजनिक राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका है।


मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विस्तृत जांच जारी है। साथ ही, अभियुक्त के खिलाफ दर्ज मामले और उनके आचरण की जानकारी उनके मूल विभाग को भी दे दी गई है।

टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें