1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 11, 2026, 2:16:39 PM
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Bihar News : बिहार में गंगा नदी के जलमार्ग पर माल परिवहन के दौरान एक बड़ी तकनीकी चुनौती सामने आई है। साहेबगंज (झारखंड) से करीब 350 टन कोयला लेकर बाढ़ स्थित NTPC परियोजना की ओर जा रहा एक मालवाहक जहाज मोकामाघाट के पास गंगा नदी की अपस्ट्रीम धारा में फंस गया। काफी देर तक जहाज को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर उसे वापस औंटा गंगा घाट के किनारे सुरक्षित खड़ा करना पड़ा।
मिली जानकारी के अनुसार यह मालवाहक जहाज साहेबगंज से कोयले की खेप लेकर बाढ़ NTPC प्लांट के लिए रवाना हुआ था। यात्रा के दौरान मोकामाघाट क्षेत्र में गंगा नदी की अपस्ट्रीम दिशा में चढ़ाई करते समय जहाज की रफ्तार धीमी पड़ गई और वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया। चालक दल ने इंजन की पूरी क्षमता का उपयोग करते हुए कई बार जहाज को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन नदी की धारा और परिस्थितियों के कारण जहाज आगे नहीं निकल सका।
करीब कई घंटों तक लगातार प्रयास के बाद जहाज के संचालन में लगे कर्मियों ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे वापस औंटा गंगा घाट के किनारे लाकर खड़ा कर दिया। फिलहाल जहाज वहीं सुरक्षित स्थिति में खड़ा है और आगे की कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों के निर्देश का इंतजार किया जा रहा है।
जहाज पर मौजूद कर्मियों के अनुसार फिलहाल दो विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। पहला, कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से इंजन की पावर बढ़ाने अथवा तकनीकी अनुमति मिलने का इंतजार किया जा रहा है, ताकि अतिरिक्त क्षमता के साथ जहाज को दोबारा अपस्ट्रीम की ओर बढ़ाया जा सके। दूसरा विकल्प यह है कि दो अन्य सहायक जहाज मौके पर पहुंचें, जो इस मालवाहक जहाज को खींचकर बाढ़ NTPC तक पहुंचाने में मदद करें।
बताया जा रहा है कि सहायक जहाजों के पहुंचने के बाद टोइंग (खींचकर ले जाने) की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। इससे जहाज को सुरक्षित तरीके से गंगा की अपस्ट्रीम धारा पार कराते हुए उसके गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि इस संबंध में अंतिम फैसला कंपनी के तकनीकी अधिकारियों और जलमार्ग संचालन से जुड़े विशेषज्ञों की सलाह के बाद ही लिया जाएगा।
इस घटना के कारण फिलहाल बाढ़ NTPC के लिए भेजी जा रही कोयले की खेप अपने निर्धारित समय पर नहीं पहुंच सकी है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जहाज तथा उस पर लदा कोयला दोनों सुरक्षित हैं। तकनीकी समाधान मिलते ही जहाज को दोबारा रवाना किया जाएगा।
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में गंगा जलमार्ग के माध्यम से कोयला, सीमेंट, खाद्यान्न और अन्य भारी सामानों की ढुलाई लगातार बढ़ी है। सड़क और रेल परिवहन पर दबाव कम करने के उद्देश्य से अंतर्देशीय जलमार्ग का उपयोग तेजी से किया जा रहा है। लेकिन मानसून के दौरान नदी की बदलती धारा, जलस्तर और अपस्ट्रीम में बढ़ते दबाव के कारण कई बार इस तरह की परिचालन संबंधी चुनौतियां सामने आ जाती हैं।
फिलहाल मोकामाघाट के पास औंटा गंगा घाट पर खड़ा यह मालवाहक जहाज अधिकारियों के अगले आदेश का इंतजार कर रहा है। इंजन की क्षमता बढ़ाने की मंजूरी मिलने या सहायक जहाजों के पहुंचने के बाद ही इसे बाढ़ NTPC के लिए दोबारा रवाना किया जाएगा। स्थानीय लोगों की भी नजर इस घटनाक्रम पर बनी हुई है, क्योंकि गंगा जलमार्ग से होने वाला यह परिवहन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।