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Bihar News : दरार ने खोली निर्माण की पोल? लखीसराय आरओबी पर सरकार की सख्त कार्रवाई शुरू; एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू

लखीसराय बाईपास आरओबी में दरार मिलने के बाद बिहार सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। निर्माण एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जबकि आईआईटी पटना की निगरानी में पुल की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण की योजना तैयार की जा रही है

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 03, 2026, 2:12:19 PM

Bihar News : दरार ने खोली निर्माण की पोल? लखीसराय आरओबी पर सरकार की सख्त कार्रवाई शुरू; एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू

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Bihar News : लखीसराय बाईपास स्थित रेल ओवरब्रिज (आरओबी) के स्पैन में दरार मिलने के मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल  लखीसराय पहुंचकर क्षतिग्रस्त आरओबी का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ पूरे मामले की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अभियंता, संवेदक या निर्माण एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा।


सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि पुल निर्माण कार्य से जुड़ी एजेंसी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले अभियंताओं और संवेदकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सरकार जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।


निरीक्षण के दौरान सचिव ने आरओबी के उस स्पैन का बारीकी से अवलोकन किया, जिसमें दरारें पाई गई हैं। उनके साथ विभाग की तकनीकी टीम भी मौजूद रही। उन्होंने मौके पर मौजूद अभियंताओं से पुल के निर्माण, उसकी संरचनात्मक मजबूती, डिजाइन और सामने आई तकनीकी खामियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। साथ ही उन्होंने यह भी जाना कि भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए जा सकते हैं।


पंकज कुमार पाल ने कहा कि पुल की सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आरओबी का तकनीकी परीक्षण और सेफ्टी ऑडिट भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, पटना (आईआईटी पटना) द्वारा कराया गया है। ऑडिट रिपोर्ट में जिन तकनीकी खामियों की पहचान की गई है, उनके समाधान की दिशा में कार्य शुरू कर दिया गया है।


उन्होंने जानकारी दी कि आईआईटी पटना की देखरेख में पुल की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस योजना के तहत पुल की संरचनात्मक मजबूती बढ़ाने और भविष्य में किसी भी प्रकार के जोखिम को समाप्त करने के लिए आवश्यक तकनीकी उपाय किए जाएंगे। विभाग का प्रयास है कि पुल पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही सामान्य परिचालन के लिए खोला जाए।


निरीक्षण के दौरान सचिव ने आरओबी के नीचे प्रस्तावित वैकल्पिक सड़क का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों के साथ इस सड़क के निर्माण कार्य में तेजी लाने और जल्द से जल्द यातायात के लिए उपलब्ध कराने पर चर्चा की। सचिव ने बताया कि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्ग का निर्माण शीघ्र शुरू किया जाएगा। इस परियोजना की निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।


गौरतलब है कि पुल के स्पैन में दरार मिलने के बाद प्रशासन ने एहतियातन भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी है। सुरक्षा के मद्देनजर पुल के दोनों छोर पर हाइट बैरियर भी लगाए गए हैं, ताकि भारी वाहनों का प्रवेश रोका जा सके। सचिव ने इन बैरियरों का भी निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।