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कोसी नदी पर 6-लेन महासेतु की डीपीआर प्रक्रिया तेज, मैथमेटिकल मॉडल सर्वे के लिए मांगी गई NOC

पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के तहत कोसी नदी पर बनने वाले 6-लेन महासेतु की डीपीआर प्रक्रिया तेज हो गई है। मैथमेटिकल मॉडल सर्वे के लिए NOC मांगी गई है, जिससे नदी के बहाव, कटाव और बाढ़ के प्रभाव का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 14, 2026, 11:37:08 AM

Patna Purnia Expressway

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Patna Purnia Expressway: पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत कोसी नदी पर प्रस्तावित 6-लेन महासेतु के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। पुल की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है और इसके लिए मैथमेटिकल मॉडल सर्वे कराने हेतु अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) का अनुरोध किया गया है।


परियोजना की कंसल्टेंट कंपनी लायन इंजीनियरिंग कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड ने भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के भागलपुर उप कार्यालय को NOC जारी करने के लिए आवेदन भेजा है। अनुमति मिलने के बाद सिमरी बख्तियारपुर और कुशेश्वरस्थान के बीच कोसी नदी का विस्तृत वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराया जाएगा, जिसकी निगरानी IWAI करेगा।


मैथमेटिकल मॉडल सर्वे के दौरान कोसी नदी के जलस्तर, बाढ़ के दबाव, कटाव, गाद (सिल्ट) के जमाव तथा नदी की धारा में संभावित बदलावों का आधुनिक तकनीक के माध्यम से अध्ययन किया जाएगा। कोसी नदी की बदलती धारा और तेज बहाव को देखते हुए पुल निर्माण से पहले यह सर्वे अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, ताकि भविष्य में बाढ़ और कटाव से पुल की संरचना प्रभावित न हो।


सर्वे पूरा होने के बाद एजेंसी पुल की डिजाइन, पिलरों की गहराई, सड़क एलाइनमेंट, जल निकासी व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को अंतिम रूप देते हुए डीपीआर तैयार करेगी। तकनीकी रिपोर्ट की जांच के बाद ही परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलेगी।


पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण भारतमाला परियोजना-2 के तहत किया जा रहा है। लगभग 281.95 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पटना के दिघवारा से शुरू होकर वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा और मधेपुरा होते हुए पूर्णिया के डगरूआ तक जाएगा।


परियोजना के अंतर्गत 21 बड़े पुल और 11 रेलवे ओवरब्रिज प्रस्तावित हैं। इनमें कोसी नदी पर बनने वाला करीब सात किलोमीटर लंबा छह-लेन महासेतु सबसे महत्वपूर्ण संरचनाओं में शामिल है। परियोजना पूरी होने के बाद कोसी और सीमांचल क्षेत्र को पटना से तेज और सुगम सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है।