PATNA: भोजपुरी गायक व अभिनेता खेसारी लाल यादव आज राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो गए। अपनी पत्नी चंदा यादव के साथ उन्होंने आरजेडी की सदस्यता ग्रहण की। तेजस्वी यादव ने पार्टी की सदस्यता दिलायी। आरजेडी की सदस्यता ग्रहण करने से पहले ही बिहार में अचानक यह चर्चा तेज हो गयी कि खेसारी लाल की पत्नी चंदा यादव विधानसभा चुनाव लड़ेंगी।
लेकिन फिर कुछ दिनों बाद ही यह बात सामने आई की उनकी पत्नी नहीं बल्कि खुद खेसारी लाल यादव चुनाव आरजेडी की टिकट पर लड़ेंगे। अभी तक यह क्लीयर नहीं हो पाया है कि दोनों पति-पत्नी में से कौन चुनाव लड़ेंगे। यह अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। लेकिन फैंस दोनों में खुश हैं उनका कहना है कि भईया चुनाव लड़े या भाभी किसी को कोई प्रोब्लम नहीं है।
आरजेडी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद खेसारी लाल यादव और चंदा यादव के साथ तेजस्वी खुद मीडिया के सामने आए और फिर अपनी बातें रखी। तेजस्वी यादव ने कहा कि हम लोगों से वादा कर चुके हैं कि 14 नवंबर के बाद जब सरकार हमारी बनेगी तो हमारे दो महीने तक इस मामले में कानून बनाकर प्रत्येक घर में जिस घर में कोई सरकारी नौकरी नहीं है उसे घर के एक सदस्य को नौकरी देंगे और हमने यह वादा कर लिया है और इस वादे को हम पूरा करेंगे।
वही खेसारी लाल यादव ने कहा कि हम तेजस्वी भैया से बहुत दिनों से जुड़े हुए हैं और आज निश्चित तौर पर उनके साथ काम करने का अवसर मिलेगा हम लोग एक साथ काम करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि हम पूरे बिहार में घूम-घूम कर महागठबंधन का चुनाव प्रचार करेंगे। खेसारी लाल यादव की पत्नी के चुनाव लड़ने की बात सामने आने के बाद 14 अक्टूबर दिन बुधवार को खेसारी लाल यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि वे अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाने के लिए मना रहे हैं, लेकिन अब खबर है कि नामांकन की प्रक्रिया में तकनीकी अड़चनों की वजह से राजद ने अंतिम समय पर खेसारी को ही अपना प्रत्याशी बना दिया है।
दरअसल, खेसारी लाल यादव की पत्नी चंदा यादव के नामांकन पत्रों की जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि चंदा यादव का नाम बिहार के वोटर लिस्ट में नहीं है। वह मूल रूप से छपरा के एकमा के धानाडीह गांव की रहने वाली हैं लेकिन उनका नाम मुंबई की वोटर लिस्ट में है, जिसके कारण उनके नामांकन में पेंच फंस गया है। ऐसे में उनकी जगह खेसारी लाल यादव चुनाव मैदान में उतरने जा रहे हैं हालांकि अभी उन्हें आरजेडी का सिंबल नहीं मिला है। पार्टी का सिंबल मिलते ही वह नामांकन दाखिल करेंगे।
बता दें कि खेसारी लाल यादव के लालू परिवार से अच्छे संबंध माने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने तेजस्वी यादव से उनके पटना आवास पर मुलाकात की थी। उसी समय से अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे चुनावी राजनीति में एंट्री कर सकते हैं हालांकि, उस समय खेसारी ने मीडिया से कहा था कि मैं चुनाव लड़ने नहीं आया हूं, मैं अपनी फिल्म इंडस्ट्री में ही खुश हूं। लेकिन अब सियासी समीकरण बदल चुके हैं और वे अब खुद राजद के सिंबल पर नामांकन करने जा रहे हैं। खेसारी लाल यादव का छपरा से गहरा जुड़ाव है। यही उनका जन्म स्थान भी है और भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में उनके लोकप्रियता के कारण वे एक बड़े वोट बैंक को प्रभावित कर सकते हैं। राजद को उम्मीद है कि खेसारी की लोकप्रियता से पार्टी को युवा और ग्रामीण मतदाताओं का मजबूत समर्थन मिलेगा।
पटना से प्रेम कुमार की रिपोर्ट









