Patna News: पटना प्रशासन अतिक्रमण के खिलाफ एक बार फिर सख्त रुख अपनाने जा रहा है। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम के निर्देश पर 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक विशेष अभियान तेज किया जाएगा। इसके लिए विस्तृत कैलेंडर जारी किया गया है, जिसमें पूरे महीने विभिन्न इलाकों में कार्रवाई की जाएगी।
अभियान नगर निगम के छह अंचलों—नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद और पटनासिटी—साथ ही नगर परिषद खगौल, फुलवारीशरीफ और दानापुर में चलेगा। डीएम और एसएसपी ने कुल 9 विशेष टीमों का गठन किया है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में कार्रवाई करेंगी।
यह विशेष अभियान मल्टी-एजेंसी ऑपरेशन के रूप में चलाया जाएगा। इसमें प्रशासन, पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन, नगर निगम, राजस्व, पथ निर्माण, स्वास्थ्य, अग्निशमन, बिजली, दूरसंचार और वन विभाग समेत कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे।
अभियान के दौरान राजधानी की प्रमुख सड़कों और इलाकों पर विशेष ध्यान रहेगा, जिनमें नेहरू पथ, सगुना मोड़ से दानापुर रेलवे स्टेशन, बोरिंग रोड, अटल पथ, पटना स्टेशन रोड, कंकड़बाग मेन रोड, गांधी मैदान, अशोक राजपथ और जेपी गंगा पथ शामिल हैं।
टी-प्वाइंट, गोलंबर और सभी प्रमुख चौक-चौराहों के 20 मीटर के दायरे को ‘जीरो टॉलरेंस जोन’ घोषित किया गया है। यहां किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आईजीआईएमएस, पीएमसीएच, एनएमसीएच और एम्स जैसे बड़े अस्पतालों के आसपास विशेष सतर्कता बरती जाएगी ताकि मरीज और एंबुलेंस की आवाजाही बाधित न हो।
फुटपाथों पर अवैध दुकानों और सड़कों पर की जा रही अवैध पार्किंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। अस्थायी अतिक्रमण पर 5,000 रुपये और स्थायी अतिक्रमण पर 20,000 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। इसके अलावा सामान जब्त करने और पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने साफ कहा है कि दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस वाहन चेकिंग अभियान चलाएगी और जाम या भीड़ उत्पन्न करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। पूरे अभियान की मॉनिटरिंग के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है, जिसमें ट्रैफिक एसपी, एडीएम नगर-व्यवस्था, एसपी सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था, अपर नगर आयुक्त और सिटी मजिस्ट्रेट शामिल हैं।
प्रशासन ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सड़क, फुटपाथ और सर्विस लेन को प्राथमिकता के आधार पर अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। ‘शून्य सहिष्णुता’ नीति अपनाते हुए यह अभियान राजधानी में जाम और सड़क हादसों को कम करने के उद्देश्य से चलाया जाएगा।

