1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 14, 2026, 6:35:28 AM
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Bihar News : बिहार के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पटना के कच्ची दरगाह से वैशाली जिले के बिदुपुर तक बन रहा बहुप्रतीक्षित 6 लेन गंगा पुल अब जल्द ही आम लोगों के लिए खुलने वाला है। इस मेगा प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है और इसे जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बिहार के मुख्य सचिव ने शनिवार को इस महत्वपूर्ण परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने पुल के मुख्य हिस्से के साथ-साथ दोनों ओर बन रहे एप्रोच रोड और अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अंतिम चरण के काम में किसी भी तरह की लापरवाही न हो और तय समय सीमा के अंदर परियोजना पूरी की जाए।
पटना और उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी बदलेगा पुल
कच्ची दरगाह-बिदुपुर गंगा पुल को बिहार के परिवहन ढांचे के लिए बेहद महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद पटना से उत्तर बिहार के जिलों तक पहुंचना पहले से काफी आसान हो जाएगा।
इस पुल के माध्यम से हाजीपुर, वैशाली और समस्तीपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में गांधी सेतु पर बढ़ने वाले यातायात दबाव को भी कम करने में यह पुल अहम भूमिका निभाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, परियोजना का करीब 98 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। फिलहाल पुल पर फिनिशिंग कार्य, एक्सपेंशन ज्वाइंट्स की स्ट्रेसिंग और कुछ तकनीकी काम तेजी से किए जा रहे हैं।
19.76 किलोमीटर लंबी है पूरी परियोजना
कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन ग्रीनफील्ड पुल परियोजना की कुल लंबाई 19.76 किलोमीटर है। इसमें करीब 9.76 किलोमीटर लंबा गंगा पुल और लगभग 10 किलोमीटर लंबा एप्रोच रोड शामिल है।
यह पुल पटना जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग-30 स्थित कच्ची दरगाह और वैशाली जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग-103 स्थित बिदुपुर को जोड़ेगा।
परियोजना पूरी होने के बाद पटना और उत्तर बिहार के बीच यात्रा का समय कम होगा। लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी और व्यापार, रोजगार तथा औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विकास को मिलेगी नई रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुल केवल आवागमन का नया रास्ता नहीं होगा, बल्कि बिहार के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। पटना से उत्तर बिहार के कई जिलों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनने से लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान होगी।
सरकार की ओर से निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करते हुए काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जुलाई तक पुल शुरू होने के बाद बिहार के सड़क नेटवर्क में यह एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकता है।