Holi Travel Rush: होली पर्व नजदीक आते ही दिल्ली, मुंबई समेत देश के बड़े महानगरों से बिहार आने वाली ट्रेनें पूरी तरह भर चुकी हैं। स्लीपर और एसी कोचों में वेटिंग लिस्ट 200 से 300 के पार पहुंच गई है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली, सूरत, मुंबई, सिकंदराबाद और एर्नाकुलम से पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और सहरसा आने वाली नियमित और होली स्पेशल ट्रेनों में सीटों की जबरदस्त मांग है। तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होते ही कुछ ही मिनटों में सीटें फुल हो जा रही हैं। बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर, छात्र और नौकरीपेशा लोग त्योहार पर घर लौटना चाहते हैं, लेकिन कन्फर्म टिकट नहीं मिलने से चिंता बढ़ गई है।
पूर्व मध्य रेल ने होली को लेकर 50 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है, फिर भी नई दिल्ली-पटना, मुंबई-दरभंगा, सूरत-भागलपुर और एर्नाकुलम-पटना रूट पर दबाव कम नहीं हो रहा है। रेलवे स्टेशनों के आरक्षण काउंटरों पर लंबी कतारें लग रही हैं और ऑनलाइन बुकिंग में भी टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। कई यात्री प्रीमियम तत्काल के जरिए अधिक किराया देकर सीट पाने की कोशिश कर रहे हैं।
यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने 23 फरवरी से 23 मार्च तक पांच राज्यों से 150 से अधिक एसी बसों का संचालन शुरू किया है। पटना, मुजफ्फरपुर, गया, पूर्णिया और दरभंगा से दिल्ली, गुरुग्राम, पानीपत, अंबाला, रांची, लखनऊ और कोलकाता के लिए बसें चलाई जा रही हैं।
होली के मद्देनजर पटना आने वाली उड़ानों का किराया भी आसमान छू रहा है। दिल्ली से पटना का किराया 13 हजार रुपये के पार पहुंच गया है, जबकि मुंबई से पटना के लिए 25 हजार रुपये से अधिक वसूले जा रहे हैं। अहमदाबाद, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता से आने वाली फ्लाइटों में भी सीटें तेजी से भर रही हैं।
एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि बढ़ी मांग और सीमित सीटों के कारण किराए में उछाल स्वाभाविक है। फिलहाल स्थिति जस की तस बनी हुई है और होली पर घर पहुंचने की उम्मीद लगाए हजारों यात्रियों की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं।



