Patna News: बिहार की राजधानी के राजेंद्र नगर-पटना क्लोन एक्सप्रेस में एक फर्जी टीटीई को गुरुवार की दोपहर जीआरपी ने अलीगढ़ स्टेशन पर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ट्रेन में बिना टिकट यात्रियों से वसूली और सीट दिलाने के नाम पर अवैध उगाही कर रहा था। गिरफ्तारी के समय वह रेलवे की टीटीई यूनिफॉर्म में था और उसके पास फर्जी पहचान पत्र भी मिला।
गिरफ्तार युवक की पहचान लखीसराय (बिहार) जिले के पिपरिया प्रखंड के गांव रामचंद्रपुर निवासी निगम कुमार के रूप में हुई है। निगम नई दिल्ली से ट्रेन में चढ़ा था और वातानुकूलित कोच में यात्रियों से अवैध वसूली कर रहा था। वह अपने घर लौटने के बहाने ट्रेन में सवार हुआ था लेकिन रास्ते में फर्जी टीटीई बनकर लोगों से ठगी कर रहा था।
घटना का खुलासा तब हुआ जब ट्रेन में तैनात असली टीटीई सुनील कुमार को निगम पर शक हुआ। जब सुनील ने उससे पूछताछ की तो उसने खुद को टीटीई बताया और एक फर्जी रेलवे आईडी कार्ड भी दिखाया। सुनील कुमार को जवाब संतोषजनक नहीं लगा, जिसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी रेलवे कंट्रोल और पटना स्थित अधिकारियों को दी।
जैसे ही ट्रेन अलीगढ़ स्टेशन पहुंची, जीआरपी ने निगम कुमार को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से टीटीई की ड्रेस, नकली पहचान पत्र और नकदी बरामद की गई। अलीगढ़ जीआरपी प्रभारी निरीक्षक संदीप तोमर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि 1 जुलाई को भी एक फर्जी टीटीई को पटना जंक्शन से डाउन पंजाब मेल के एसी कोच (A-1) में पकड़ा गया था। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रजनीकांत यादव के रूप में हुई थी। वह भी टीटीई की वर्दी पहनकर यात्रा कर रहा था और उसके पास से अवैध शराब की तस्करी के सबूत मिले थे।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ऐसे फर्जी टीटीई न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि रेलवे की छवि को भी नुकसान पहुंचाते हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि टिकट जांच के समय टीटीई का पहचान पत्र अवश्य जांचें और किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत रेलवे हेल्पलाइन या नजदीकी स्टाफ को सूचित करें।


