1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 20, 2026, 9:30:08 AM
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BPSC TRE-4 : बिहार में बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। भर्ती परीक्षा की अधिसूचना जारी होने में हो रही देरी के खिलाफ अब छात्र आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को पटना में अभ्यर्थियों ने बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। राजधानी में एक बार फिर हजारों की संख्या में छात्र जुटने की तैयारी में हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार और आयोग लगातार तारीख पर तारीख दे रहे हैं, लेकिन अब तक परीक्षा को लेकर कोई स्पष्ट अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
TRE-4 अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पुराने पैटर्न पर जल्द शुरू किया जाए। इसके अलावा पिछले प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्रों की तत्काल रिहाई और कथित लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग की जा रही है। छात्र संगठनों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के साथ पुलिस ने सख्ती बरती, जिससे कई छात्र घायल हुए।
दरअसल, कुछ दिन पहले पटना में TRE-4 अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी के विरोध में बड़ा प्रदर्शन किया था। अभ्यर्थी पटना यूनिवर्सिटी से मार्च निकालकर डाकबंगला चौराहा की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान गांधी मैदान इलाके में पुलिस ने उन्हें रोक दिया। छात्रों का आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। इस घटना के बाद छात्रों में सरकार के खिलाफ नाराजगी और ज्यादा बढ़ गई।
इधर, बिहार सरकार की ओर से भी इस मुद्दे पर बयान सामने आया था। राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अभ्यर्थियों से प्रदर्शन नहीं करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार अभ्यर्थियों के हित में काम कर रही है और महिला उम्मीदवारों को आंदोलन करने की जरूरत नहीं है। मंत्री ने कहा था कि “हमारी बेटियां राज्य की ताकत हैं और सरकार उनके अधिकारों के समर्थन में मजबूती से खड़ी है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नारी शक्ति वंदन’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा था कि जब केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध हैं, तब सड़कों पर उतरने की आवश्यकता नहीं है।
हालांकि छात्रों ने सरकार की इस अपील को खारिज कर दिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि सरकार गंभीर होती तो अब तक परीक्षा की अधिसूचना जारी हो चुकी होती। उनका आरोप है कि लगातार देरी से लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि वे लंबे समय से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और भर्ती प्रक्रिया में अनिश्चितता से मानसिक और आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, बिहार में TRE-4 के जरिए 46 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति होने की संभावना है। पहले अप्रैल 2026 तक परीक्षा आयोजित होने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन अब तक आयोग की ओर से कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। इसी कारण अभ्यर्थियों में बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है।
बुधवार को प्रस्तावित महाआंदोलन को लेकर राजधानी पटना में प्रशासन भी सतर्क हो गया है। कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। वहीं छात्र संगठन दावा कर रहे हैं कि इस बार आंदोलन और बड़ा होगा तथा सरकार पर जल्द निर्णय लेने का दबाव बनाया जाएगा।