Bihar Assembly : बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आज 18वां दिन काफी अहम रहा। दिनभर सदन में प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण, स्थगन प्रस्ताव और अंत में कैग की रिपोर्ट पेश किए जाने को लेकर चर्चा होती रही। बजट सत्र होने की वजह से कार्यवाही अपेक्षाकृत गंभीर और तथ्यात्मक रही।
सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, अध्यक्ष के निर्देश पर प्रश्नकाल की शुरुआत की गई। प्रश्नकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े सवालों पर सरकार की ओर से जवाब दिया गया। इसमें कृषि विभाग, डेयरी विभाग, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा सहकारिता विभाग से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए गए।
विधायकों ने कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन, डेयरी विकास की स्थिति, मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की नीति, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति, शहरी विकास योजनाओं की प्रगति और सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल किए। सरकार की ओर से संबंधित मंत्रियों ने योजनाओं की प्रगति, बजट आवंटन और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी।
प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल लिया गया, जिसमें सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को उठाया। इसके बाद कार्यस्थगन प्रस्ताव लाने की कोशिश की गई, लेकिन बजट सत्र चलने के कारण कार्यस्थगन प्रस्ताव की सूचना को अमान्य कर दिया गया। सदन में इस पर हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली, हालांकि कार्यवाही सुचारु रूप से आगे बढ़ती रही।
इसके उपरांत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लिया गया। इस दौरान महेश्वर हजारी, सचिंद्र प्रसाद समेत आठ विधायकों ने उद्योग विभाग से जुड़े एक शेड्यूल मामले पर सरकार का ध्यान आकर्षित कराया। विधायकों ने औद्योगिक परियोजनाओं की स्थिति और प्रक्रियात्मक देरी पर सवाल उठाए। सरकार की ओर से उद्योग विभाग ने जवाब देते हुए कहा कि संबंधित मामलों की समीक्षा की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में नीतीश मिश्रा, मनजीत कुमार सिंह और प्रमोद कुमार की ओर से पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से जुड़े मुद्दों पर ध्यानाकर्षण लाया गया। सदस्यों ने प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए राज्य सरकार की रणनीति पर सवाल उठाए। विभाग की ओर से बताया गया कि राज्य स्तर पर कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है।
सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। भोजनावकाश के बाद जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो दिन का सबसे महत्वपूर्ण कार्य संपन्न हुआ। कैग (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी गई। इस रिपोर्ट में विभिन्न विभागों के खर्च, योजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय अनुशासन से जुड़े पहलुओं का उल्लेख है। रिपोर्ट को लेकर आने वाले दिनों में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
इसके अलावा आज कुल छह विधेयक भी सदन में पेश किए गए। इन विधेयकों पर आगे विचार-विमर्श और पारित किए जाने की प्रक्रिया आगामी बैठकों में पूरी की जाएगी।कुल मिलाकर बजट सत्र का 18वां दिन सवाल-जवाब, ध्यानाकर्षण और वित्तीय पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों के नाम रहा। आने वाले दिनों में कैग रिपोर्ट और पेश किए गए विधेयकों पर सदन में और गहन चर्चा होने की उम्मीद है।




