Patna Metro News: पटना मेट्रो परियोजना से जुड़े मजदूरों ने कार्य परिस्थितियों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। मजदूरों का आरोप है कि उनसे तय समय से कहीं अधिक काम कराया जा रहा है, जबकि भुगतान तय मजदूरी के अनुसार ही किया जा रहा है।
मजदूरों के अनुसार, उन्हें 12 घंटे की मजदूरी दी जाती है, लेकिन उनसे 16 से लेकर 24 घंटे तक काम लिया जाता है। इस कारण उनकी सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और उन्हें पर्याप्त आराम भी नहीं मिल पा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने अपनी मांगों को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि काम के घंटे निर्धारित किए जाएं और उसी के अनुरूप मजदूरी दी जाए। साथ ही ओवरटाइम के लिए अलग से उचित भुगतान की भी मांग की गई।
इस मुद्दे को लेकर परियोजना प्रबंधन पर भी सवाल उठने लगे हैं। मजदूरों का आरोप है कि उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी, हालांकि बाद में हालात सामान्य हो गए।
पटना मेट्रो की एपीआरओ अर्चना कुमारी ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। मजदूर काम पर लौट चुके हैं और परियोजना का कार्य प्रभावित नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की कुछ समस्याएं थीं, जिन्हें कंपनी द्वारा दूर कर दिया गया है।



