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Bihar Transit Pass Rule : बिहार में बड़ा बदलाव! 10 जून से बिना ट्रांजिट पास बालू-गिट्टी लदे वाहनों की एंट्री बंद; अब हर हाल में करना होगा यह काम

बिहार सरकार ने अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। 10 जून 2026 से पड़ोसी राज्यों से आने वाले बालू, गिट्टी और पत्थर लदे वाहनों के लिए ट्रांजिट पास अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था से राजस्व चोरी पर अंकुश लगेगा और खनिज प

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 03, 2026, 11:18:04 AM

Bihar Transit Pass Rule : बिहार में बड़ा बदलाव! 10 जून से बिना ट्रांजिट पास बालू-गिट्टी लदे वाहनों की एंट्री बंद; अब हर हाल में करना होगा यह काम

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Bihar Transit Pass Rule : बिहार में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब पड़ोसी राज्यों से बिहार में प्रवेश करने वाले बालू, पत्थर, गिट्टी और अन्य लघु खनिजों से लदे वाहनों के लिए ट्रांजिट पास लेना अनिवार्य होगा। खान एवं भूतत्व विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है और नई व्यवस्था 10 जून 2026 से पूरे राज्य में लागू कर दी जाएगी।


सरकार का मानना है कि इस फैसले से अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा और राज्य को होने वाले राजस्व नुकसान को रोका जा सकेगा। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित तिथि के बाद बिना वैध ट्रांजिट पास के राज्य में प्रवेश करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


विभाग ने जारी की अधिसूचना

खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह द्वारा 1 जून 2026 को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। यह आदेश बिहार खनिज नियमावली 2019 के नियम-41 के तहत लागू किया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, राज्य मंत्रिपरिषद ने 20 फरवरी 2026 को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। अब सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पूरी होने के बाद इसे लागू किया जा रहा है।


खनिज लदे वाहनों को देना होगा शुल्क

नई व्यवस्था के तहत बिहार की सीमा में प्रवेश करने वाले खनिज लदे ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा। विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन अथवा 85 रुपये प्रति घनमीटर की दर से शुल्क लिया जाएगा। शुल्क जमा करने के बाद वाहन मालिक या परिवहनकर्ता को ऑनलाइन ट्रांजिट पास जारी किया जाएगा, जिसके आधार पर वह राज्य में खनिज का परिवहन कर सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर रोक लगेगी।


अवैध परिवहन पर लगेगी लगाम

विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि बिहार में बाहर से आने वाले खनिजों की सही निगरानी नहीं हो पा रही थी। कई मामलों में एक ही चालान का उपयोग बार-बार कर खनिजों की ढुलाई की जा रही थी। इससे न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा था बल्कि सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा था। नई ट्रांजिट पास व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य में प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहन का रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज होगा। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि कौन-सा वाहन किस राज्य से कितना खनिज लेकर आया है और उसका गंतव्य क्या है।


सीमा क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी

सरकार ने इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। आदेश की प्रतियां वित्त विभाग, प्रमंडलीय आयुक्तों, जिला पदाधिकारियों, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), उप निदेशक खनिज विकास और खान निरीक्षकों को भेजी गई हैं। राज्य की सीमाओं पर तैनात अधिकारियों को विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है ताकि बिना ट्रांजिट पास वाले वाहनों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जा सके।


राजस्व बढ़ाने में मिलेगी मदद

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रांजिट पास प्रणाली लागू होने से खनिज परिवहन क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी और सरकार को वास्तविक खनिज आयात का सटीक आंकड़ा प्राप्त होगा। इससे राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही अवैध खनन और अवैध परिवहन के नेटवर्क पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।


10 जून से लागू होने वाली यह व्यवस्था बिहार में खनिज परिवहन की निगरानी को आधुनिक और डिजिटल स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे राज्य सरकार को राजस्व लाभ मिलने के साथ-साथ खनन क्षेत्र में नियमों के बेहतर पालन को भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।