PATNA: बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूल के शिक्षकों के लिए लंबा चौड़ा गाइडलाइंस बना दिया है. इसमें उनके ड्रेस से लेकर छुट्टी, बच्चों की पढ़ाई, मिड डे मिल जैसे मामले शामिल हैं. सरकार ने सभी डीईओ को कहा है कि वे इन नियमों को सख्ती से लागू करायें.
सरकारी गाइडलाइंस में कई खास बातें हैं. सारे सरकारी स्कूलों में शिक्षक पाठ-टीका के आधार पर ही बच्चों को पढ़ायेंगे. किसी भी सूरत में शिक्षक जींस और टीशर्ट पहनकर स्कूल नहीं आयेंगे. मिड डे मिल को पहले प्रधानाध्यापक और शिक्षक खुद चखेंगे और उसके बाद ही बच्चों को खिलाया जायेगा. अगर किसी शिक्षक ने फर्जी अटेंडेंस बनाया है तो इसके लिए प्रधानाध्यापक को जिम्मेवार माना जायेगा.
क्या है सरकारी गाइडलाइंस
शिक्षा विभाग ने जो गाइडलाइंस जारी किया है उसके मुताबिक सभी शिक्षक-शिक्षिका समय पर विद्यालय पहुंचेंगे. वे ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करायेंगे. फर्जी तरीके से उपस्थिति दर्ज कराया तो न सिर्फ शिक्षक-शिक्षिका बल्कि प्रधानाध्यापक को भी दोषी माना जायेगा.
छुट्टी देने में परहेज नहीं
शिक्षा विभाग ने सभी प्रधानाध्यापकों को कहा है कि वे शिक्षकों को छुट्टी देने में परहेज नहीं करे. लेकिन एक समय में ज्यादा से ज्यादा 10 प्रतिशत शिक्षकों को ही छुट्टी दी जायेगी. छुट्टी को स्वीकृत करते समय इसका ध्यान रखा जाएगा कि शिक्षक के अवकाश में जाने से पठन-पाठन बाधित नहीं होना चाहिए. कोई भी शिक्षक या शिक्षिका बिना अवकाश स्वीकृत कराये स्कूल से अनुपस्थित नहीं होंगे.
गरिमा वाले कपड़े पहन कर आय़ें
शिक्षा विभाग के गाइडलाइंस में कहा गया है कि सारे सरकारी स्कूलों में पोस्टेड शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी विद्यालय या कार्यालय अवधि में गरिमायुक्त औपचारिक परिधान पहनकर आएंगे. कोई भी जींस-टीशर्ट में स्कूल नहीं आएंगे.
जिला शिक्षा कार्यालय का चक्कर नहीं लगायें
शिक्षा विभाग ने हिदायत दी है कि बैंक से वेतन निकालने के नाम पर कोई भी शिक्षक-शिक्षिका स्कूल अवधि में बाहर नहीं जाएंगे. शिक्षक-शिक्षिका अपना समस्याओं के लिए जिला कार्यालयों का चक्कर नही लगायेंगे. उन्हें अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन अपने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में देना होगा, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी उनकी समस्या का समाधान करेंगे. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को अगर ये लगेगा कि समस्या का समाधान जिला कार्यालय से होना है तो वे उसे जिला कार्यालय में अग्रसारित करेंगे, जिसका समाधान जिला कार्यालय से किया जाएगा.
समय से वेतन मिले
शिक्षा विभाग के गाइडलाइंस में कहा गया है कि हरेक महीने की 25 तारीख तक विद्यालय में पदस्थापित शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मियों और आधार आपरेटर सहित सभी की उपस्थिति का पूरा विवरण संबंधित कार्यालय को उपलब्ध कराया जाएगा. इससे उनका समय पर वेतन भुगतान किया जा सकेगा. अगल देरी से या फिर गलत और अधूरी उपस्थिति विवरणी उपलब्ध कराई गयी तो इसके लिए संबंधित प्रधानाध्यापक जिम्मेवार होंगे.
जांच परीक्षा अनिवार्य
शिक्षा विभाग ने कहा है कि सभी शिक्षक-शिक्षिका द्वारा पाठ-टीका लिखी जाएगी और उसके अनुसार क्लास का संचालन होगा. हर शनिवार को सभी शिक्षक-शिक्षिका के पाठ-टीका का प्रधानाध्यापक द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित किया जाएगा. प्रधानाध्यापक स्वयं भी पाठ-टीका का संधारण करेंगे. यह बहाना नहीं चलेगा कि पाठ-टीका घर पर है. निरीक्षी पदाधिकारी द्वारा मांगे जाने पर पाठ-टीका दिखाना होगा.
सारे स्कूलों में पहली घंटी में क्लास टीचर द्वारा बच्चों की उपस्थिति हर हालत में बनायी जाएगी. प्रधानाध्यापक द्वारा उसी वर्ग की उपस्थिति दर्ज की जाएगी, जिस वर्ग के वे वर्ग शिक्षक होंगे. हर क्लास में साप्ताहिक एवं मासिक परीक्षा होगी.


