1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 01, 2026, 9:33:18 AM
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Bihar teacher : बिहार में शिक्षा विभाग ने एक नया निर्देश जारी कर राज्य के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की जिम्मेदारियों को लेकर बड़ा बदलाव किया है। नए आदेश के अनुसार, गर्मी की छुट्टियों के दौरान भी शिक्षकों को आवश्यकतानुसार अपने मुख्यालय में उपस्थित रहना होगा। इस फैसले के बाद शिक्षकों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
शिक्षा विभाग की ओर से सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (DPO) को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ग्रीष्मावकाश के दौरान विभागीय कार्यों और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। विभाग का कहना है कि इस अवधि में कई महत्वपूर्ण सरकारी परीक्षाएं आयोजित की जानी हैं, जिनमें वीक्षण कार्य और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए शिक्षकों की भूमिका जरूरी होगी।
राज्य के सरकारी विद्यालयों में इस वर्ष एक जून से 20 जून तक गर्मी की छुट्टी घोषित है। लेकिन इस अवधि में भी शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षण कार्य से जुड़े कर्मचारियों को पूरी तरह से अवकाश नहीं मिलेगा। जरूरत पड़ने पर शिक्षकों को तुरंत बुलाया जा सके, इसके लिए उन्हें अपना मोबाइल फोन हमेशा चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि शिक्षकों को विभागीय स्तर पर जारी सभी आदेशों और दिशा-निर्देशों का पालन विद्यालय स्तर पर सुनिश्चित करना होगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। विभाग ने कहा है कि शिक्षकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अवकाश अवधि में अपने मुख्यालय में ही उपलब्ध रहें और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत ड्यूटी पर उपस्थित हों।
हालांकि, विभाग ने यह भी राहत दी है कि यदि किसी शिक्षक को किसी अत्यंत आवश्यक या आकस्मिक कारण से मुख्यालय छोड़ना पड़े, तो उन्हें पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ना नियमों के विरुद्ध माना जाएगा और उस पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
शिक्षा विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि इस आदेश का कड़ाई से पालन हो। जिलों में इसकी निगरानी की जिम्मेदारी डीईओ और डीपीओ को सौंपी गई है।
ई-शिक्षा कोष प्रोफाइल अपडेट पर अंतिम चेतावनी
इधर राज्य में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर शिक्षकों की प्रोफाइल अपडेट प्रक्रिया को लेकर भी विभाग ने सख्ती दिखाई है। विभाग के अनुसार, राज्य के पांच लाख से अधिक शिक्षकों को अपने प्रोफाइल का अपडेट करना अनिवार्य किया गया था, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में शिक्षकों की प्रोफाइल अधूरी पाई गई है।
समीक्षा में यह सामने आया है कि कई शिक्षकों ने अब तक आवश्यक सूचनाएं जैसे व्यक्तिगत विवरण, नियुक्ति से संबंधित जानकारी और अन्य महत्वपूर्ण डेटा पूरी तरह से अपडेट नहीं किए हैं। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि सभी शिक्षकों को 54 अनिवार्य फील्ड को भरना अनिवार्य होगा।
इन फील्ड्स में व्यक्तिगत जानकारी, पदस्थापना विवरण, शैक्षणिक योग्यता और अन्य प्रशासनिक विवरण शामिल हैं। इसके साथ ही आवासीय पता भी शिक्षक स्वयं अपडेट कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें वैध आवासीय प्रमाण पत्र अपलोड करना अनिवार्य होगा।
विभाग ने प्रोफाइल अपडेट करने की अंतिम तिथि 5 जून तय की है। इसके बाद किसी भी प्रकार का सुधार केवल जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) के सत्यापन के बाद ही संभव होगा। पंजीकरण, पदस्थापना और व्यक्तिगत विवरण में किसी भी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर डीपीओ स्तर पर जांच और सत्यापन किया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रोफाइल अपडेट नहीं करने वाले शिक्षकों को प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि आगामी योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।