Bihar Road Project : बिहार में ग्रामीण इलाकों के विकास को नई गति देने के लिए सड़कों का जाल तेजी से बिछाया जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि गांव-गांव तक बेहतर और बारहमासी सड़क सुविधा पहुंचे, जिससे लोगों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो। इसी दिशा में ग्रामीण कार्य विभाग लगातार काम कर रहा है और अब तक बड़ी उपलब्धि हासिल कर चुका है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, बिहार में करीब 1.21 लाख ग्रामीण बसावटों को पक्की सड़कों के जरिए मुख्य सड़कों से जोड़ दिया गया है। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों और प्रमुख बाजारों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है। इससे न केवल लोगों की आवाजाही आसान हुई है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
इसी बीच, ग्रामीण सड़कों को और बेहतर बनाने के लिए विभाग ने एक अहम फैसला लिया है। कैमूर, रोहतास, जमुई और लखीसराय जिले की करीब एक दर्जन सड़कों को अब पथ निर्माण विभाग को सौंपा जाएगा। इन सड़कों की कुल लंबाई 24.765 किलोमीटर है। विभाग का मानना है कि इससे इन सड़कों का विस्तार और चौड़ीकरण बेहतर तरीके से हो सकेगा, जिससे यातायात और अधिक सुगम होगा।
सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। कैमूर जिले में रामगढ़ रोड से एनएच-30 भाया भुडी टेकारी तक 3.250 किलोमीटर लंबी सड़क शामिल है। वहीं जमुई जिले में पीडब्ल्यूडी-इंदपे-सिंगारपुर मांझी टोला पथ तक 0.660 किलोमीटर सड़क को स्थानांतरित किया गया है। रोहतास जिले में बहतुतिया मोड़ से बहतुतिया तक 0.400 किलोमीटर और बेदवलिया से ममरेजपुर तक करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क भी इस योजना का हिस्सा हैं।
सरकार की योजना है कि इन सड़कों को उच्च गुणवत्ता के साथ विकसित किया जाए और उनकी चौड़ाई बढ़ाई जाए, ताकि भारी वाहनों का आवागमन भी आसानी से हो सके। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा, ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए “सुलभ संपर्कता योजना” की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत गांवों को सीधे बड़े राजमार्गों से जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी तेज और सुरक्षित यात्रा का लाभ उठा सकें।
सरकार ने आम लोगों की सुविधा के लिए एक और महत्वपूर्ण पहल की है। अब अगर किसी गांव में सड़क टूटी हुई है या उसमें गड्ढे हैं, तो उसकी शिकायत घर बैठे की जा सकती है। इसके लिए ‘हमारा बिहार-हमारी सड़क’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है। यह ऐप एंड्रॉयड यूजर्स के लिए मुफ्त में उपलब्ध है और इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
इस ऐप के जरिए लोग सड़क की खराब स्थिति की फोटो और लोकेशन के साथ शिकायत दर्ज कर सकते हैं। विभाग का दावा है कि शिकायत मिलने के बाद जल्द ही कार्रवाई की जाएगी और सड़क की मरम्मत कराई जाएगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
कुल मिलाकर, बिहार में सड़क विकास के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। सरकार की ये पहल न केवल ग्रामीण जीवन को आसान बना रही है, बल्कि राज्य के समग्र विकास को भी नई दिशा दे रही है।





