PATNA: बिहार राजस्व सेवा महासंघ (संयुक्त मोर्चा) ने डीसीएलआर पद को पुनः बहाल करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश जारी रखा है। महासंघ ने तीन पदाधिकारियों के निलंबन की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उनका संघर्ष न्यायोचित और अडिग है।
बिहार राजस्व सेवा महासंघ (संयुक्त मोर्चा) द्वारा डीसीएलआर (भूमि सुधार उप समाहर्ता) पद के मुद्दे पर चल रहा अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश आज भी जारी है। महासंघ का कहना है कि हमारी मांग अत्यंत सीमित एवं न्यायसंगत है। जिस नियमावली के अंतर्गत बिहार राजस्व सेवा के पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई थी, उसी में डीसीएलआर का पद द्वितीय प्रोन्नति का पद निर्धारित था। किन्तु वर्तमान में इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। महासंघ की मांग है कि बिहार राजस्व सेवा नियमावली 2010 के अनुसार डीसीएलआर पद को पुनः बिहार राजस्व सेवा के लिए बहाल कर राजस्व सेवा के पदाधिकारियों का पदस्थापन किया जाए।
महासंघ ने बताया कि इस विषय में न्याय की प्राप्ति हेतु माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया, जहां सीडब्ल्यूजेसी संख्या 5902/2024 में न्यायालय द्वारा डीसीएलआर पद को बिहार राजस्व सेवा के पदाधिकारियों को देने का स्पष्ट आदेश प्रदान किया गया है। इसके बावजूद, न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं होने तथा अवमानना वाद दायर करने के बाद भी समाधान नहीं निकलने, अपितु पद को अन्य सेवा संवर्ग को सौप दिए जाने के कारण महासंघ को सामूहिक अवकाश का निर्णय लेने के लिए बाध्य होना पड़ा।
महासंघ को आशा थी कि सरकार इस संवेदनशील विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए सकारात्मक पहल करेगी और पदाधिकारियों के वैध अधिकारों की बहाली सुनिश्चित करेगी। परंतु इसके स्थान पर महासंघ के तीन पदाधिकारियों के निलंबन की कार्रवाई की गई है, जिसकी महासंघ कड़ी निंदा करता है। महासंघ के पदाधिकारियों के निलंबन की कार्रवाई से संगठन का मनोबल कमजोर होने के बजाय और अधिक सशक्त हुआ है। इससे महासंघ के सदस्यों का अपने नेतृत्व के प्रति विश्वास और भी दृढ़ हुआ है। यह कार्रवाई न केवल निराशाजनक है, बल्कि संवाद की संभावनाओं को भी प्रभावित करती है।
महासंघ मानता है कि इस प्रकार की कार्रवाई से हमारे वैध एवं न्यायोचित आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता, बल्कि यह हमारे संकल्प को और मजबूत ही करती है। हम सभी पदाधिकारी एवं सदस्य अपने नेतृत्व के साथ पूर्ण एकजुटता से खड़े हैं और अपने अधिकारों की प्राप्ति तक संघर्ष जारी रखेंगे।
महासंघ पुनः स्पष्ट करता है कि उसकी मांग पूरी तरह न्यायोचित, स्पष्ट एवं अडिग है। जब तक डीसीएलआर पद को बिहार राजस्व सेवा के लिए बहाल कर राजस्व सेवा के पदाधिकारियों का पदस्थापन नहीं किया जाता, तब तक यह अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश जारी रहेगा। महासंघ सरकार से पुनः आग्रह करता है कि इस मुद्दे पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए न्यायसंगत निर्णय लिया जाए, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।
बता दें कि सरकार ने हड़ताल और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने वाले तीन राजस्व अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की है। अररिया के अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी जितेन्द्र कुमार पांडेय, पटना सदर के सीओ रजनीकांत और घोड़ासहन के सीओ आनंद कुमार को निलंबित कर पूर्णिया अचैट किया है।





