1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 17, 2026, 11:54:52 AM
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Bihar Panchayat Delimitation 2026 : बिहार में पंचायत व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने ग्राम पंचायत, वार्ड, पंचायत समिति और जिला परिषद क्षेत्रों का नए सिरे से परिसीमन कराने का फैसला किया है। हाल ही में सम्राट कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इस प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है। अब 2011 की जनगणना के आधार पर पंचायत क्षेत्रों का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके साथ ही यह भी तय माना जा रहा है कि नए परिसीमन के बाद ही राज्य में पंचायत चुनाव आयोजित होंगे।
करीब तीन दशक बाद होने जा रहे इस परिसीमन से पंचायतों की संख्या में बड़ा इजाफा होने की संभावना है। इसके साथ ही मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, वार्ड सदस्य और पंचों की कुल संख्या भी बढ़ जाएगी। कई गांवों की पंचायतें बदल सकती हैं और प्रशासनिक सीमाएं भी नए सिरे से तय होंगी।
बिहार में वर्तमान पंचायतों का परिसीमन वर्ष 1994 में हुआ था। उस समय लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाली सरकार ने 1991 की जनगणना के आधार पर पंचायत क्षेत्रों का निर्धारण किया था। उस दौर में झारखंड भी बिहार का हिस्सा था और राज्य की कुल आबादी लगभग 8.64 करोड़ थी।
अब लगभग 32 वर्षों बाद 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन किया जाएगा। 2011 की जनगणना के अनुसार बिहार की आबादी बढ़कर 10.41 करोड़ हो चुकी है। आबादी में इस बढ़ोतरी को देखते हुए पंचायत इकाइयों की संख्या बढ़ाने की तैयारी की गई है, ताकि स्थानीय प्रशासन और विकास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
वर्तमान में बिहार में कुल 8,053 ग्राम पंचायतें हैं। नए परिसीमन के बाद इनकी संख्या बढ़कर करीब 12,000 तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। यानी राज्य में लगभग 3,000 से अधिक नई पंचायतों का गठन हो सकता है।पंचायतों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की संख्या भी स्वतः बढ़ जाएगी। इसमें मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, वार्ड सदस्य और पंच शामिल होंगे।
नए परिसीमन का असर लगभग सभी जिलों में दिखाई देगा। राजधानी पटना में वर्तमान में 322 ग्राम पंचायतें हैं। परिसीमन के बाद इनकी संख्या बढ़कर 475 से 500 के बीच पहुंच सकती है। इसी तरह रोहतास जिले में अभी 226 पंचायतें हैं, जो बढ़कर लगभग 350 तक हो सकती हैं। सबसे छोटे जिलों में शामिल शिवहर में वर्तमान 23 पंचायतों की संख्या बढ़कर 32 से 34 तक पहुंचने की संभावना है। वहीं जहानाबाद में अभी 93 पंचायतें हैं, जो नए परिसीमन के बाद 130 से 140 तक हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कई गांवों की पंचायतें बदल जाएंगी। कुछ गांव नई पंचायतों में शामिल होंगे, जबकि कई पंचायतों की सीमाएं पूरी तरह बदल सकती हैं।
सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि पंचायत चुनाव नए परिसीमन के बाद ही कराए जाएंगे। यानी पहले पंचायत क्षेत्रों का पुनर्गठन होगा, उसके बाद नए वार्ड, पंचायत समिति और जिला परिषद क्षेत्रों के आधार पर चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी।इस फैसले के कारण पंचायत चुनाव की समय-सीमा भी आगे बढ़ चुकी है। अब चुनाव उसी स्थिति में होंगे जब परिसीमन की पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और नई मतदाता सूची एवं निर्वाचन क्षेत्र तैयार हो जाएंगे।
| निकाय | वर्तमान संख्या | संभावित नई संख्या |
|---|---|---|
| ग्राम पंचायत | 8,053 | लगभग 12,000 |
| वार्ड | 1.09 लाख | लगभग 1.75 लाख |
| जिला परिषद सदस्य | 1,160 | लगभग 1,760 |
इसके अलावा पंचायत समिति सदस्य, मुखिया, सरपंच और पंचों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
सरकार का मानना है कि बढ़ती आबादी के अनुरूप पंचायत क्षेत्रों का पुनर्गठन आवश्यक हो गया था। नए परिसीमन के बाद प्रशासनिक इकाइयों का आकार संतुलित होगा, जिससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, स्थानीय विकास कार्यों की निगरानी और ग्रामीण प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
आने वाले महीनों में परिसीमन की विस्तृत प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। इसके बाद अंतिम अधिसूचना जारी होगी और उसी के आधार पर बिहार में नए पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। इससे राज्य की त्रिस्तरीय पंचायती व्यवस्था का पूरा ढांचा नए स्वरूप में नजर आएगा।