Hindi News / bihar / darbhanga-news / बिहार में बाढ़ का बड़ा खतरा: कई गांवों का टूटा संपर्क, दो दर्जन...

बिहार में बाढ़ का बड़ा खतरा: कई गांवों का टूटा संपर्क, दो दर्जन गांव खाली कराने के निर्देश

Bihar Flood News: दरभंगा जिले में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कई इलाकों में पानी फैलने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है और प्रशासन ने राहत-बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। किन गांवों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 17, 2026, 12:28:25 PM

बिहार में बाढ़ का बड़ा खतरा: कई गांवों का टूटा संपर्क, दो दर्जन गांव खाली कराने के निर्देश

- फ़ोटो

Bihar Flood News: नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब बिहार में भी साफ दिखाई देने लगा है. कोसी बैराज से छोड़े गए पानी के बाद दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान पूर्वी और घनश्यामपुर प्रखंड में कोसी और कमला बलान नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. नदियों का पानी निचले इलाकों में फैलने से कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जबकि सड़क संपर्क टूटने से लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं.


बाढ़ का पानी गांवों और खेतों में फैलने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. कई जगहों पर सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे लोगों का आवागमन बाधित हो गया है. किसानों की खड़ी फसलें पानी में डूबने लगी हैं, वहीं स्कूल परिसरों में भी बाढ़ का पानी पहुंचने से शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है.


जानकारी के अनुसार, इटहर, उसरी, उजुआ, सिमरटोका और तिलकेश्वर पंचायत के कई गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं. प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीनिया और इटहर पोखर भी बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं. हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन करीब दो दर्जन गांवों को खाली कराने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके.


प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं. जिला प्रशासन के अनुसार, राहत और बचाव कार्य के लिए 186 नावों की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा 512 राहत शिविर और 611 सामुदायिक किचन तैयार रखे गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें.


जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि जिले की बाढ़ प्रभावित स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है और जलस्तर में किसी भी तरह की बढ़ोतरी होने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जाएगा.