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बिहार में NH का महाजाल: 15 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का खाका तैयार, राज्य सरकार ने केंद्र को भेजा DPR

Bihar Road Project: बिहार में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग, बाईपास, पुल और रेलवे ओवरब्रिज परियोजनाओं की डीपीआर केंद्र सरकार को भेजी गई है। मंजूरी मिलते ही कई बड़े सड़क निर्माण कार्य शुरू होंगे।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 27, 2026, 6:15:19 PM

Bihar Road Project

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Bihar Road Project: बिहार में नेशनल हाई-वे, बाईपास और पुलों की सूरत जल्द बदलने वाली है। पथ निर्माण विभाग ने उच्च स्तर पर राज्य की कई बड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट (डीपीआर) सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को अंतिम मंजूरी के लिए भेजा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार से मंजूरी मिलते ही इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का काम शुरू कर दिया जाएगा। इससे सड़क कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूती मिलेगी।


सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के यहां मंजूरी के लिए भेजे गए महत्वपूर्ण प्रस्तावों में अरवल-बिहार शरीफ पथ का निर्माण कार्य प्रमुख है। 89 किमी लंबे इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 3,844.69 करोड़ रुपये का डीपीआर तैयार किया गया है, जिसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है। 


इसी तरह एनएच-333ए कॉरीडोर के तहत बरबीघा से पंजवारा तक विभिन्न सड़क पैकेजों के साथ सतीघाट पुल के 974.37 करोड़ रुपये की वृहद कार्ययोजना तैयार है। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलते ही इस परियोजना का कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा। विभाग ने बेतिया, समस्तीपुर और औरंगाबाद के लिए बाइपास के साथ-साथ जयनगर में कमला नदी पर दो नए पुल व बाइपास बनाने की दिशा में 2200 करोड़ से भी ज्यादे का डीपीआर तैयार किया है।


विभागीय सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि राज्य में कनेक्टिविटी को और बेहतर एवं मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डुमराव, विक्रमगंज,  सफियासराय और जहानाबाद में करोड़ों की लागत से नए रेलवे ओवरब्रिज बनाने की योजना है। इससे इन शहरों को ट्रैफिक की समस्या से छुटकारा मिलेगा। 


मसरख-चकिया-भिट्ठामोड़ के बीच 146 किमी लंबे राम जानकी मार्ग के लिए 8,671.80 करोड़ रुपये की फाइनल रिपोर्ट जल्द ही सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को भेजी जाएगी। सचिव श्री पाल की मानें तो केंद्रीय मंत्रालय द्वारा उठाए गए सभी तकनीकी बिंदुओं और आपत्तियों  का विभाग ने समयबद्ध निपटारा कर दिया है। इससे इन सभी परियोजनाओं के जल्द धरातल पर उतरने के रास्ते साफ हो चुके हैं।