1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 29, 2026, 2:55:59 PM
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Bihar School News : बिहार सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्यभर के मदरसा विद्यालयों और संस्कृत विद्यालयों की व्यापक जांच कराने का आदेश जारी किया है। सरकार के इस फैसले के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि नियमों के विरुद्ध चल रहे किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, फर्जीवाड़ा या भेदभाव को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राज्य में सभी शिक्षण संस्थानों को समान अवसर देने की नीति पर सरकार काम कर रही है। मंत्री के मुताबिक, जिस तरह मदरसों के विकास पर सरकार ध्यान दे रही है, उसी तरह संस्कृत विद्यालयों को भी मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
सरकार ने मदरसा बोर्ड और संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत संचालित सभी विद्यालयों की जांच कराने का निर्णय लिया है। इस जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि जिन संस्थानों को सरकारी सहायता और सुविधाएं मिल रही हैं, वे वास्तव में तय मानकों के अनुसार संचालित हो रहे हैं या नहीं। जांच के दौरान विद्यालयों में छात्रों की वास्तविक उपस्थिति, शिक्षकों की नियुक्ति, आधारभूत संरचना और शैक्षणिक गतिविधियों की गहन समीक्षा की जाएगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कई स्थानों से ऐसे विद्यालयों की शिकायतें मिल रही थीं जहां कागजों पर छात्र और शिक्षक मौजूद हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। इसी को देखते हुए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। विभाग का मानना है कि जांच के बाद शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और सरकारी संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद मंत्रालय स्तर पर उसकी विस्तार से समीक्षा की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जांच में अगर कोई भी विद्यालय फर्जी या अवैध तरीके से संचालित होता पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे संस्थानों को बंद करने के साथ-साथ संबंधित लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
सरकार का फोकस सिर्फ उन विद्यालयों को आगे बढ़ाने पर है जो नियमों और मानकों के तहत सही तरीके से संचालित हो रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है। इस कार्रवाई का उद्देश्य किसी विशेष वर्ग को निशाना बनाना नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।
सूत्रों के मुताबिक, विभाग जल्द ही जांच प्रक्रिया के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी करेगा। जिला स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया जाएगा, जो विद्यालयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेंगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जांच निष्पक्ष और पूरी गंभीरता के साथ की जाए।
सरकार के इस फैसले को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे फर्जी संस्थानों पर लगाम लगेगी और वास्तविक रूप से संचालित विद्यालयों को बेहतर सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।