ब्रेकिंग
पटना में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ फिर गरजेगा जिला प्रशासन का बुलडोजर, इस दिन से शुरू होगा विशेष अभियान‘JDU को अब कार्यकारी अध्यक्ष की जरूरत नहीं’, पूर्व सांसद आनंद मोहन का बड़ा बयानहर्ष फायरिंग केस में बुरे फंसे जीतनराम मांझी के करीबी, HAM प्रवक्ता दानिश रिजवान के खिलाफ केस दर्जअब पहले से भी अधिक महंगी और लग्जरी गाड़ियों से घूमेंगे बिहार के मंत्री और अधिकारी, सरकार ने जारी किया आदेशतेज रफ्तार ट्रक ने दो दोस्तों को रौंदा, दर्दनाक हादसे में एक की मौत; दूसरे की हालत गंभीरपटना में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ फिर गरजेगा जिला प्रशासन का बुलडोजर, इस दिन से शुरू होगा विशेष अभियान‘JDU को अब कार्यकारी अध्यक्ष की जरूरत नहीं’, पूर्व सांसद आनंद मोहन का बड़ा बयानहर्ष फायरिंग केस में बुरे फंसे जीतनराम मांझी के करीबी, HAM प्रवक्ता दानिश रिजवान के खिलाफ केस दर्जअब पहले से भी अधिक महंगी और लग्जरी गाड़ियों से घूमेंगे बिहार के मंत्री और अधिकारी, सरकार ने जारी किया आदेशतेज रफ्तार ट्रक ने दो दोस्तों को रौंदा, दर्दनाक हादसे में एक की मौत; दूसरे की हालत गंभीर

बिहार के किसानों के लिए अच्छी खबर, सरकार चना और मसूर भी खरीदेगी

PATNA : बिहार में किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने अब चना और मसूर की फसल खरीदने का फैसला किया है। राज्य की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह ने कहा है

बिहार के किसानों के लिए अच्छी खबर, सरकार चना और मसूर भी खरीदेगी
EditorEditor|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

PATNA : बिहार में किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने अब चना और मसूर की फसल खरीदने का फैसला किया है। राज्य की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह ने कहा है कि आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय 2 के तहत दलहन का उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से 20 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर चना और मसूर खरीदने का निर्णय लिया है।


मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि विभाग 20 अप्रैल से पूरे राज्य में चना और मसूर की खरीद के लिए बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम प्रखंड और अनुमंडल स्तर पर क्रय केन्द्र की स्थापना कर रहा है। राज्य के पंजीकृत किसानों से चना और मसूर की खरीद होगी। चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5230 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर का 5500 रुपये प्रति क्विटल तय किया गया है।


मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किसानों के हित के लिए काम करते हैं। उनके मार्गदर्शन में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने की कार्य योजना पर काम कर रहा है। बीते साल 2021–22 में भी मुख्यमंत्री के निर्देश पर रिकॉर्ड धान की खरीद हुई थी। इसका सीधा लाभ किसानों को मिला, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति भी अच्छी हुई है।

इस खबर के बारे में
Editor

रिपोर्टर / लेखक

Editor

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें